लोकसभा में इस बार नहीं होगा एकछत्र राज…. पहली बार मोदी के सामने होगा मजबूत विपक्ष
लोकसभा चुनाव के बाद एनडीए की सरकार ने काम का शुरू कर दिया है। संसद का सत्र भी चल रहा है। संसद में पहले से अधिक गर्मा गर्मी नजर आएगी। इस बार विपक्ष मजबूत स्थिति में है। एसएमएस 13 साल गुजरात के सीएम और 10 साल तक देश के पीएम रहने के बाद नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री के तौर पर संघर्ष पूर्ण राजनीति का सामना करना पड़ सकता है जिस नए मंच पर सबसे अधिक और तीखा संघर्ष होगा। लोकसभा ही है।
लोकसभा में अब होगी हर मुद्दे पर बहस
विपक्ष को नजरअंदाज नहीं कर सकती एनडीए सरकार
मोदी के सामने पहली बार विपक्ष की आवाज हुई मजबूत
अग्निवीर मणिपुर और पेपर लीक का देना होगा जवाब
विपक्ष मुक्त सांसद इस बार नहीं होगी
हर मुद्दे पर होगी जोरदार बहस
विधेयकों पर होगी बहस और मतदान
हालांकि एनडीए को पर्याप्त बहुमत मिला हुआ है। इसके बाद भी नए जोश और उत्साह से एकजुट विपक्ष संख्या बल में ही नहीं शोर शराबा करने की ताकत में के मामले में बीजेपी की बराबरी करते नजर आएगा।
अब तक नरेंद्र मोदी ने गुजरात और दिल्ली में किसी ऐसी चुनौती का सामना नहीं किया था। इस बार एनडीए को सरकार चलाने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। इस बार विपक्षी सांसदों को पिछली बार की तरह सामूहिक रूप से निलंबित करने जैसा फैसला लेने में उसे 100 बार सोचना होगा।इससे पहले कई अहम कानून विपक्ष मुक्त संसद में लगभग सर्वसम्मति से पास कराए गए थे। जिसमें तीन नए कानून इसकी सबसे मिसाल है। यह 1 जुलाई से लागू होने वाले हैं,लेकिन अब सारे विधेयको को लेकर सदन में बहस कराई जाएगी। इतना ही नहीं उन पर मतदान भी होगा। कई मुद्दों पर विपक्ष की चुनौती देखने को मिल सकती है
विपक्ष पेपर लीक अग्नि वीर और मणिपुर हिंसा को लेकर अपनी एकजुट सदन में दिखने की कोशिश करेगा।
इन तीनों ही का संबंध बीजेपी के लिए असम महत्वपूर्ण और बड़े मतदाता आधार से जुड़ा है कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पेपर लीक मामलों पर लगातार हमलावर नजर आ रहे हैं। उन्होंने अग्नि वीर योजना को लेकर भी एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला है इस तरह राहुल गांधी ने अपनी पहली चल चल दी है। हालांकि चर्चा है कि सरकार ने अग्नि वीर योजना को लेकर पहले ही समीक्षा कर और अधिक प्रासंगिक बनाने के प्रयास किए हैं, लेकिन उसे दो मुश्किल पहले यह कि विपक्ष इस योजना को रद्द किए जाने के सिवा कुछ भी नहीं चाहता राहुल गांधी ने तो यह तक कह दिया था कि इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो अग्निवीर कचरे के डिब्बे में डाल देंगे।
ऐसे में सरकार यदि इसमें बड़े बदलाव के बाद इसे जारी रखती है। तब भी विपक्ष यह दावा करते नजर आएगा कि उसने सरकार को अग्नि वीर मुद्दे पर झुका दिया। पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री पहले ही कदम पीछे खींच चुके हैं और सरकार की जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए समीक्षा के साथ जांच के आदेश भी दिए गए। उधर मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार नाकाम रही। इसके बावजूद बीजेपी का सफर अब तक आसान था। लेकिन अब विपक्ष ने वहां दोनों लोकसभा सीट जीत ली हैंl यानी कांग्रेस मणिपुर की दोनों सीट अपने कब्जे में कर चुकी है। ऐसे में केंद्र की एनडीए सरकार मणिपुर में ध्यान से बाहर नजर से डर जैसा रवैया जारी नहीं रख सकेगी।