लखनऊ। उत्तर प्रदेश की साइबर सुरक्षा रणनीति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘साइबर सेफ यूपी’ विजन अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। 26 से 28 जनवरी 2026 तक इज़राइल के तेल अवीव में आयोजित होने वाले विश्व के सबसे प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा सम्मेलनों में से एक ‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ में उत्तर प्रदेश की साइबर ताकत दुनिया के सामने पेश की जाएगी। इस वैश्विक सम्मेलन में यूपी की साइबर सुरक्षा नीतियों, तकनीकी नवाचारों और अपराध नियंत्रण के भारतीय मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच गहन चर्चा होगी।
- ‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’
- इजराइल में दिखेगा UP साइबर शक्ति का जलवा
- दुनिया सीखेगी भारतीय सुरक्षा मॉडल
इस तीन दिवसीय आयोजन में दुनिया के 20 से अधिक देशों के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, नीति निर्माता, टेक्नोलॉजी लीडर्स और सरकारी प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक साइबर खतरों, नई तकनीकों, डिजिटल अपराधों और उनके समाधान पर साझा रणनीति तैयार करना है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की ‘साइबर सेफ यूपी’ रणनीति का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत होना राज्य और देश दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
एशिया के ‘साइबर कॉप’ देंगे वैश्विक मंत्र
सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व दो प्रमुख और अनुभवी साइबर विशेषज्ञ करेंगे, जो ‘चीफ मेंटर’ की भूमिका में वैश्विक मंच पर अपने विचार रखेंगे। पहला नाम है प्रो. त्रिवेणी सिंह, जो उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी और एशिया के जाने-माने ‘साइबर कॉप’ के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने पिछले 25 वर्षों में साइबर अपराध, डिजिटल फॉरेंसिक, ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर आतंकवाद से निपटने के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। प्रो. सिंह उत्तर प्रदेश में लागू किए गए इनोवेटिव साइबर सुरक्षा मॉडल, साइबर क्राइम कंट्रोल मैकेनिज्म और पुलिस-टेक्नोलॉजी समन्वय की बारीकियों को वैश्विक मंच पर साझा करेंगे।
दूसरे प्रमुख विशेषज्ञ माधवन उन्नीकृष्णन नायर हैं, जो भारत सरकार के पूर्व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक रह चुके हैं। वे भारत के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क, नीति निर्माण, रणनीतिक साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अनुभवों को सम्मेलन में प्रस्तुत करेंगे।
‘साइबर सेफ यूपी’ बनेगा आकर्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में साइबर सुरक्षा को लेकर ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए हैं। ‘साइबर सेफ यूपी’ के तहत साइबर अपराधों पर नियंत्रण, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल जागरूकता, तेज रिस्पॉन्स सिस्टम और तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष फोकस किया गया है। यही कारण है कि यूपी का साइबर मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है।
सम्मेलन में यूपी की उन पहलों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिनके जरिए साइबर ठगी, फाइनेंशियल फ्रॉड, डीपफेक वीडियो, डार्क वेब अपराध और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। इसके साथ ही यह भी बताया जाएगा कि किस तरह तकनीक और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बेहतर तालमेल से आम नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
इज़राइली पीएम नेतन्याहू के साथ होगा सुरक्षा संवाद
‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ का एक बड़ा आकर्षण इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी होगी। इस दौरान भारतीय प्रतिनिधि उनके साथ और दुनिया के अन्य शीर्ष वैज्ञानिकों, टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ साइबर सिक्योरिटी सपोर्ट, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और साइबर बिजनेस की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।
इज़राइल को वैश्विक स्तर पर साइबर टेक्नोलॉजी और सुरक्षा नवाचारों का अग्रणी देश माना जाता है। ऐसे में भारत और इज़राइल के बीच साइबर सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संवाद भारत को भविष्य का ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
डीपफेक, डार्क वेब और वित्तीय धोखाधड़ी पर फोकस
सम्मेलन में डीपफेक तकनीक से होने वाले अपराध, डार्क वेब के जरिए संचालित अवैध गतिविधियां और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी मंथन होगा। यूपी के विशेषज्ञ यह बताएंगे कि कैसे इन नई चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी निगरानी, कानून, प्रशिक्षण और जनजागरूकता को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।
यूपी की वैश्विक पहचान मजबूत
कुल मिलाकर, ‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ में उत्तर प्रदेश की भागीदारी न सिर्फ राज्य की साइबर क्षमताओं को वैश्विक पहचान दिलाएगी, बल्कि भारत की साइबर सुरक्षा ताकत को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित करेगी। यह आयोजन यूपी के लिए गर्व का विषय है और डिजिटल इंडिया के विजन को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।