राजस्थान की सियासी फिजा में क्या कोई बदलाव की बयार आने वाली है?
राजस्थान कांग्रेस को लेकर ये सवाल सियासी फिजाओं में तैर रहा है। दरअसल, राजस्थान कांग्रेस के दो नेताओं का एक साथ मंच पर आने के बाद से सबको लग रहा है कि राजस्थान कांग्रेस की फिजा बदल रही है। पिछले दिनों राजस्थान कांग्रेस के बड़े नेता राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि पर दौसा में एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ-साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंच साझा किया।
इससे पहले, सचिन पायलट इस कार्यक्रम में बुलाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जयपुर स्थित आवास पर पहुंचे थे। अशोक गहलोत ने सचिन पायलट का निमंत्रण न केवल स्वीकार किया बल्कि राजेश पायलट को याद करते हुए एक भावुक ट्वीट भी किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने दौसा में कार्यकर्ताओं के सामने एक मंच साझा किया।
अशोक गहलोत ने कहा कि हमारे बीच कभी दूरियां थीं ही नहीं। वहीं, सचिन पायलट ने कहा कि मतभेद घरों में भी होते हैं, मिल-बैठकर सुलझा लिए जाते हैं। इस बीच, दोनों नेताओं ने पुराने मतभेद भुलाकर एक साथ चलने पर जोर दिया।
दोनों नेताओं के एक साथ एक मंच की तस्वीर देखकर ये तो कहा नहीं जा सकता कि दोनों के बीच अब कोई मतभेद नहीं रहे, लेकिन इतना दावा जरूर किया जा सकता है कि दोनों ने कोई बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। वहीं, अगर ये तस्वीर हकीकत में बदलती है तो सचिन की लोकप्रियता और गहलोत की पकड़ राजस्थान की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकती है।




