भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर डिजिटल अनुभव देने के लिए IRCTC की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन जल्द लॉन्च करने जा रहा है। वेबसाइट के इंटरफेस और परफॉर्मेंस में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे टिकट बुकिंग पहले से अधिक तेज, आसान और सुविधाजनक होगी। इसके साथ ही रेलवे अपने करीब 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को भी आधुनिक तकनीक से अपग्रेड कर रहा है।
रेलवे ने बीटा वर्जन में किए बड़े बदलाव, 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम भी होगा अपग्रेड
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
- टिकट बुकिंग पहले से अधिक तेज होगी।
- वेबसाइट का इंटरफेस सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल होगा।
- सीट उपलब्धता सभी श्रेणियों की एक साथ देगी दिखाई
- बार-बार व्यक्तिगत जानकारी भरने की जरूरत नहीं होगी।
- लॉगिन और टिकट बुकिंग में कम समय लगेगा।
- तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी बुकिंग पर अंकुश लगेगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, नए सिस्टम का उद्देश्य टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं को कम करना और तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
नई वेबसाइट में होंगे ये 4 बड़े बदलाव
1. विज्ञापनों से मिलेगी राहत
नई वेबसाइट में टिकट बुकिंग के दौरान दिखने वाले बड़े और ध्यान भटकाने वाले विज्ञापनों को हटाया गया है। इससे वेबसाइट अधिक साफ-सुथरी और उपयोगकर्ता के अनुकूल दिखाई देगी।
2. आसान कैप्चा और तेज लॉगिन
लॉगिन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। कैप्चा पहले की तुलना में छोटा और आसान होगा, जिससे उपयोगकर्ताओं का समय बचेगा।
3. सभी क्लास की सीटें एक ही स्क्रीन पर
अब यात्रियों को स्लीपर, 3एसी, 2एसी या अन्य श्रेणियों की उपलब्धता अलग-अलग खोलकर देखने की जरूरत नहीं होगी। सभी श्रेणियों में उपलब्ध सीटों की जानकारी एक ही स्क्रीन पर दिखाई जाएगी।
4. बार-बार नहीं भरनी होगी जानकारी
यात्रियों की प्रोफाइल और सामान्य यात्रा विवरण सुरक्षित रहेंगे। इससे हर बार टिकट बुक करते समय नाम, आयु और अन्य जानकारी दोबारा भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
बुकिंग प्रक्रिया होगी तेज
रेलवे ने टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया को छोटा किया है। पहले की तुलना में कम चरणों में टिकट बुक हो सकेगी, जिससे व्यस्त समय में भी बुकिंग का अनुभव बेहतर रहेगा।
40 साल पुराने रिजर्वेशन सिस्टम का होगा आधुनिकीकरण
नई वेबसाइट को भारतीय रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से जोड़ा जा रहा है। यह सिस्टम लगभग चार दशक पुराना है और अब इसे आधुनिक तकनीक के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है। रेलवे नया रिजर्वेशन इंजन भी विकसित कर रहा है, जिससे वेबसाइट की गति और क्षमता दोनों में सुधार होगा।
तत्काल टिकट में फर्जी बुकिंग पर सख्ती
रेल मंत्रालय का कहना है कि नए सिस्टम में ऐसे तकनीकी उपाय शामिल किए जा रहे हैं, जिनसे ऑटोमैटिक या बॉट आधारित फर्जी टिकट बुकिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य वास्तविक यात्रियों को तत्काल टिकट मिलने की संभावना बढ़ाना और बुकिंग प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाना है।
रेलवे को उम्मीद है कि नए रिजर्वेशन सिस्टम और वेबसाइट के पूरी तरह लागू होने के बाद यात्रियों को टिकट बुकिंग का अनुभव पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज और तेज मिलेगा।





