दुरुपयोग रोकने के लिए IRCTC ने बदले टिकट बुकिंग नियम.. क्या आपने IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक नहीं किया है…!
भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करते हुए IRCTC के नियमों में संशोधन किया है। इस बदलाव का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जिनका IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं है। नए नियम 5 जनवरी 2026 से लागू हो गए हैं और इनका उद्देश्य ऑनलाइन टिकट बुकिंग में हो रहे दुरुपयोग को रोकना तथा आधार से सत्यापित (वेरिफाइड) उपयोगकर्ताओं को प्राथमिकता देना है।
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IRCTC टिकट नियमों में बदलाव
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आधार लिंकिंग को मिली प्राथमिकता
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पहले दिन सीमित बुकिंग समय
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गैर-आधार यूज़र्स पर पाबंदी
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बॉट्स और फर्जीवाड़े पर रोक
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ऑफलाइन टिकट पर असर नहीं
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आधार सत्यापन से आसान बुकिंग
रेलवे के अनुसार, अब ऑनलाइन आरक्षित टिकट बुकिंग के दौरान आधार से प्रमाणित IRCTC उपयोगकर्ताओं को विशेष सुविधा दी जाएगी। नए सिस्टम के तहत, टिकट खुलने के पहले दिन यानी बुकिंग के शुरुआती दिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक केवल वही यात्री आरक्षित टिकट बुक कर सकेंगे, जिनका IRCTC अकाउंट आधार से सत्यापित है। जिन उपयोगकर्ताओं ने अब तक अपने खाते को आधार से लिंक नहीं किया है, वे इस समयावधि में टिकट बुक नहीं कर पाएंगे और उन्हें शाम 4 बजे के बाद ही ऑनलाइन बुकिंग की अनुमति मिलेगी। इसका मतलब यह है कि बिना आधार लिंक वाले यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट पाना, खासकर अधिक मांग वाले समय और रूट्स पर, और भी कठिन हो जाएगा।
भारतीय रेलवे में आरक्षित टिकट बुकिंग यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले शुरू होती है, जिसे एडवांस रिज़र्वेशन पीरियड (ARP) कहा जाता है। नए नियम विशेष रूप से इसी पहले दिन की बुकिंग पर लागू होंगे और यह नियम मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की आरक्षित टिकट बुकिंग के लिए प्रभावी होगा। यानी जैसे ही टिकट बुकिंग विंडो खुलेगी, शुरुआती कई घंटे केवल आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ताओं के लिए आरक्षित रहेंगे।
रेलवे बोर्ड ने यह भी घोषणा की है कि इस विशेष बुकिंग विंडो को चरणबद्ध तरीके से और बढ़ाया जाएगा। 12 जनवरी 2026 से आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को टिकट खुलने के पहले दिन सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक यानी कुल 16 घंटे का विशेष और एक्सक्लूसिव समय दिया जाएगा। इस पूरे समय के दौरान गैर-आधार उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन टिकट बुक करने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं होगी। यानी, जिन यात्रियों का IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं होगा, वे पहले दिन पूरे 16 घंटे तक ऑनलाइन टिकट नहीं बुक कर पाएंगे।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला एकदम से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है ताकि यात्रियों को बदलाव के अनुरूप ढलने का समय मिल सके और सिस्टम पर किसी तरह का अतिरिक्त दबाव न पड़े। इससे पहले, आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को टिकट खुलने के समय केवल 15 मिनट की प्राथमिकता दी गई थी। बाद में इस समय को बढ़ाकर 4 घंटे कर दिया गया। अब इसे और आगे बढ़ाते हुए 16 घंटे तक का विशेष समय दिया जा रहा है, ताकि पहचान आधारित बुकिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
रेलवे ने यह भी साफ किया है कि इन बदलावों का ऑफलाइन टिकट बुकिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यात्री पहले की तरह ही रेलवे के पीआरएस (Passenger Reservation System) काउंटरों पर जाकर आरक्षित टिकट बुक कर सकते हैं। ऑफलाइन काउंटरों पर टिकट बुक करने के लिए आधार लिंकिंग अनिवार्य नहीं की गई है और मौजूदा नियमों के अनुसार ही टिकट जारी किए जाते रहेंगे।
रेलवे का कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग में बॉट्स, फर्जी अकाउंट्स और एक व्यक्ति द्वारा कई अकाउंट्स के जरिए टिकट बुक करने जैसी शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। इससे आम और वास्तविक यात्रियों को नुकसान होता था, क्योंकि टिकट खुलते ही कुछ ही मिनटों में सीटें भर जाती थीं। नए नियमों के जरिए रेलवे पारदर्शिता बढ़ाना चाहता है, सिस्टम के दुरुपयोग को रोकना चाहता है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वास्तविक यात्रियों को टिकट पाने का उचित और निष्पक्ष अवसर मिले।
रेलवे और IRCTC ने यात्रियों को सलाह दी है कि जिन लोगों ने अभी तक अपने IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक नहीं किया है, वे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लें। आधार लिंकिंग की प्रक्रिया सरल है और इसे IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए पूरा किया जा सकता है। इसके लिए यात्री को अपने IRCTC अकाउंट में लॉग इन करना होगा, “My Profile” सेक्शन में जाना होगा, वहां “Aadhaar KYC” विकल्प चुनना होगा, अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा और फिर ओटीपी (OTP) के जरिए सत्यापन करना होगा। सत्यापन पूरा होते ही अकाउंट आधार से लिंक हो जाएगा।
रेलवे ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को और सुविधाएं दी जा सकती हैं, ताकि डिजिटल टिकट बुकिंग प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भले ही शुरुआत में कुछ यात्रियों को असुविधा हो, लेकिन लंबे समय में इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया ज्यादा निष्पक्ष और प्रभावी हो जाएगी।
कुल मिलाकर, नए नियमों के लागू होने के बाद बिना आधार लिंक वाले यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट पाना और मुश्किल हो सकता है, खासकर त्योहारों, छुट्टियों और व्यस्त रूट्स पर। ऐसे में यात्रियों के लिए यही बेहतर विकल्प है कि वे समय रहते अपने IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक करवा लें, ताकि उन्हें टिकट बुकिंग में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे प्राथमिकता के साथ टिकट बुक कर सकें।