15 लाख कांवड़ियों की सुरक्षा की कमान IPS अंशिका वर्मा के हाथ, AI-ड्रोन और 1500 कैमरों से निगरानी

IPS Anshika Verma

नौ जिलों की सुरक्षा का बना मास्टर प्लान

सावन के महीने में देशभर से निकल रही कांवड़ यात्राओं को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। बरेली जोन में इस बार करीब 15 लाख से अधिक कांवड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा के नेतृत्व में संभाली जा रही है। नौ जिलों से होकर गुजरने वाले कांवड़ मार्गों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि पूरी यात्रा के दौरान जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट सुनिश्चित किया जाए।

पहली बार AI तकनीक से होगी निगरानी

कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए बरेली पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) तैयार किया गया है। यहां से बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत पूरे जोन के प्रमुख मार्गों, मंदिरों, शिविरों और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

इस हाईटेक कंट्रोल रूम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए पल-पल की जानकारी जुटाई जा रही है। करीब 1500 सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड कंट्रोल सेंटर तक पहुंच रही है, जहां पुलिस अधिकारी लगातार गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं।

कौन हैं IPS अंशिका वर्मा?

आईपीएस अंशिका वर्मा वर्तमान में बरेली में पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) के पद पर तैनात हैं। तेज कार्यशैली और सख्त पुलिसिंग के लिए जानी जाने वाली अंशिका वर्मा को इस बार कांवड़ यात्रा सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

उनके नेतृत्व में बने कंट्रोल सेंटर से नौ जिलों में फैले कांवड़ मार्गों पर नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, भीड़ नियंत्रण या कानून व्यवस्था से जुड़ी स्थिति की जानकारी मिलते ही संबंधित जिले की पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजा जा रहा है।

8 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात

बरेली जोन में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने पूरे कांवड़ मार्ग को 8 सुपर जोन, 26 जोन, सेक्टर और सब-सेक्टर में बांटा है।

संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस टीम को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

8-8 घंटे की शिफ्ट में जवान कर रहे निगरानी

कंट्रोल रूम में तैनात पुलिसकर्मी 24 घंटे निगरानी व्यवस्था संभाल रहे हैं। जवानों की ड्यूटी 8-8 घंटे की शिफ्ट में लगाई गई है, ताकि किसी भी समय सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे।

आईपीएस अंशिका वर्मा की निगरानी में पुलिस अधिकारी लगातार कैमरों की मदद से कांवड़ मार्गों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भीड़ बढ़ने, यातायात दबाव या किसी विवाद की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।

हाईटेक सुरक्षा से आसान होगी कांवड़ यात्रा

इस बार उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक और पुलिस बल का बेहतर तालमेल तैयार किया गया है। ड्रोन निगरानी, एआई आधारित विश्लेषण और हजारों कैमरों के नेटवर्क से पुलिस को घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी।

आईपीएस अंशिका वर्मा के नेतृत्व में तैयार यह सुरक्षा मॉडल न केवल बरेली जोन बल्कि प्रदेश की अन्य बड़ी धार्मिक यात्राओं के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। प्रशासन की कोशिश है कि लाखों शिवभक्त बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें और सावन का यह पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।

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