इंडिगो में ऑपरेशन संकट: 550 उड़ानें रद्द, हजारों यात्री फंसे — DGCA के नए नियम बने बड़ी वजह
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो इस समय अब तक के सबसे बड़े परिचालन संकट से गुजर रही है। बीते कुछ दिनों में इंडिगो को 550 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि बड़ी संख्या में उड़ानें कई-कई घंटे देरी से रवाना हुईं। इससे हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार, टिकट कैंसिलेशन और ठहरने की समस्या झेलनी पड़ रही है। सोशल मीडिया पर इंडिगो के खिलाफ शिकायतों की बाढ़ आ गई है, जहां यात्री एयरलाइन पर लापरवाही और खराब प्लानिंग का आरोप लगा रहे हैं। कई यात्रियों ने इसे ‘कंफ्यूजन का सीजन’ और ‘एयरपोर्ट कैओस’ बताया।
इसी बीच हैदराबाद, दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर हालात सबसे ज्यादा बिगड़े। एक यात्री ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा — “12 घंटे तक फ्लाइट लेट है और एयरलाइन सिर्फ ‘2 घंटे और’ कहकर टाल रही है। न होटल, न खाने की व्यवस्था। यह किसी राष्ट्रीय एयरलाइन जैसा व्यवहार नहीं है।” सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें यात्रियों को देर रात जमीन पर सोते, टिकट काउंटर पर बहस करते और जानकारी के लिए संघर्ष करते देखा जा रहा है।
इंडिगो ने इस अव्यवस्था की वजहें बताईं, जिनमें तकनीकी दिक्कतें, मौसम, ऑपरेशनल शेड्यूल और सिस्टम ओवरलोड जैसे कारण शामिल हैं। लेकिन सबसे बड़ा असर पड़ा DGCA के नए FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों का। इन नियमों के तहत पायलट और क्रू को अधिक आराम समय देना अनिवार्य कर दिया गया है। अब नाइट शिफ्ट की परिभाषा बदल गई है, रात की अवधि बढ़ाई गई है, और लगातार किए जाने वाले नाइट ऑपरेशंस कम कर दिए गए हैं। पहले जहां एक सप्ताह में 36 घंटे आराम मिलता था, अब यह बढ़कर 48 घंटे कर दिया गया है। साथ ही नाइट ड्यूटी के बाद अनिवार्य 12 घंटे का विश्राम लागू कर दिया गया है, जो पहले मात्र 10 घंटे था।
इस बदलाव की वजह से एयरलाइंस के तैयार किए गए रोस्टर पूरी तरह प्रभावित हो गए, लेकिन असर सबसे ज्यादा इंडिगो पर हुआ। वजह इसका ऑपरेशन साइज है। इंडिगो रोजाना 2200 से अधिक उड़ानें संचालित करती है — यह संख्या एयर इंडिया की तुलना में लगभग दुगनी है। इतने बड़े पैमाने पर शेड्यूल और क्रू असाइनमेंट में गड़बड़ी होते ही पूरे ऑपरेशन सिस्टम पर असर पड़ा और फ्लाइट कैंसिलेशन की चेन रिएक्शन शुरू हो गया।
हालांकि यात्रियों की दिक्कतें जारी हैं, लेकिन विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो सकती है। इंडिगो की ओर से कहा गया है कि कंपनी नए नियमों के अनुरूप रोस्टर और ऑपरेशन सिस्टम को री-स्टेबिलाइज करने पर काम कर रही है। यात्रियों को भरोसा है कि देश की सबसे बड़े विमानन सेवा प्रदाता के रूप में इंडिगो जल्द ही संकट से बाहर आ जाएगी — लेकिन फिलहाल परेशान यात्रियों का सब्र खत्म होता दिख रहा है।





