इंडिगो की उड़ानें लगातार रद्द होने से देशभर में हवाई यात्रा पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। हालात ऐसे हैं कि दूसरी एयरलाइंस ने टिकटों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिए हैं। इससे यात्रियों में गहरी चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ गई है। अब सरकार ने बढ़े हुए किरायों पर कड़ा रुख अख़्तियार करते हुए एयरलाइंस को नोटिस जारी किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थिति सामान्य होने तक नई किराया सीमा लागू रहेगी, जिसे हर एयरलाइन को पालन करना ही होगा।
1. सरकार एक्शन मोड में—रीयल टाइम निगरानी शुरू
मंत्रालय ने कहा है कि अब से एयर फेयर्स की रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जाएगी।
अगर कोई एयरलाइन तय सीमा से अधिक किराया वसूलेगी, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।
इस कदम से उम्मीद है कि तेजी से बढ़ी हुई टिकट कीमतें वापस सामान्य दायरे में आएंगी।
2. किराये में कितना उछाल? आंकड़े चौंकाने वाले
इंडिगो की उड़ाने बंद होने के बाद हवाई टिकटों की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं—
दिल्ली–मुंबई: आम दिन – ₹6,000 → अब करीब ₹70,000
दिल्ली–पटना: सामान्य – ₹5,000 → अब ₹60,000
दिल्ली–बेंगलुरु: सामान्य – ₹7,000 → अब ₹1,00,000+
दिल्ली–चेन्नई: अब लगभग ₹90,000
दिल्ली–कोलकाता: अब करीब ₹68,000
यात्रियों के लिए यह लागत अप्राकृतिक रूप से महंगी हो गई है।
3. Indigo का संकट लगातार बढ़ रहा
इंडिगो की फ्लाइट कैनसिलेशन का आज पांचवां दिन है।
दिल्ली एयरपोर्ट: 86 फ्लाइट्स रद्द (37 डिपार्चर, 49 अराइवल)
मुंबई एयरपोर्ट: 109 उड़ान रद्द (51 अराइवल, 58 डिपार्चर)
अहमदाबाद: 19 उड़ानें रद्द (7 आने वाली, 12 जाने वाली)
तिरुवनंतपुरम: 6 उड़ानें रद्द
इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएँ प्रभावित हुई हैं।
यात्रियों को बड़ी राहत—फिलहाल किराया सीमा लागू
सरकार ने साफ कहा है कि महंगे टिकट से यात्रियों को बचाने के लिए फेयर्स को ऊपरी सीमा में रखा गया है।
जब तक इंडिगो की उड़ानें सामान्य नहीं हो जातीं, नियम लागू रहेंगे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का दावा है कि इससे यात्रियों का आर्थिक बोझ कम होगा।