देश में हाल के दिनों में इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन संकट के चलते हजारों उड़ानें रद्द हुईं, जिससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस स्थिति से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने देश में एयरलाइन ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अल हिंद एयर, फ्लाई एक्सप्रेस और पहले से मंजूरी प्राप्त शंख एयरलाइन को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया है। उम्मीद है कि ये तीनों एयरलाइंस अगले साल से उड़ान सेवाएं शुरू करेंगी।
अल हिंद एयर: केरल से होगी मजबूत शुरुआत
अल हिंद एयर का मुख्यालय केरल के कालीकट में स्थित है। यह एयरलाइन अल हिंद ग्रुप द्वारा प्रमोट की जा रही है, जो ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में दशकों से सक्रिय है। शुरुआत में कंपनी घरेलू रूट्स पर फोकस करेगी और ATR 72-600 विमानों के साथ सेवाएं शुरू करने की योजना है। शुरुआती चरण में कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और कालीकट को जोड़ने पर जोर रहेगा, जिसके बाद 40 से अधिक भारतीय एयरपोर्ट को नेटवर्क में शामिल करने की तैयारी है।
कौन हैं अल हिंद एयर के मालिक
अल हिंद ग्रुप की कमान टी. मोहम्मद हारिस संभाल रहे हैं, जो कंपनी के निदेशक हैं। उन्हें ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री में लंबा अनुभव है। वह इंडियन हज उमराह एसोसिएशन के संस्थापक महासचिव भी रह चुके हैं। केरल के कालीकट में जन्मे टी. मोहम्मद हारिस ने इतिहास, अर्थशास्त्र और औषध विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की है और वह मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
अल हिंद ग्रुप की कारोबारी ताकत
अल हिंद ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर पी.वी. वलसाराज हैं, जिन्हें ट्रैवल इंडस्ट्री में दस साल से ज्यादा का अनुभव है। ग्रुप की स्थापना 1992 में हुई थी और 1995 से इसका विस्तार मिडिल ईस्ट तक हुआ। आज कंपनी के यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान, बांग्लादेश और कुवैत समेत कई देशों में 130 से ज्यादा ऑफिस हैं। वर्ष 2030 में ग्रुप का टर्नओवर 20,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।
एविएशन सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि नई एयरलाइंस के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, किराए में संतुलन आएगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। इंडिगो संकट के बाद यह फैसला भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है





