अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी ने लंबी छलांग लगाई। सेंसेक्स में 1,680 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 24,400 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में दिखाई दिए। वहीं निफ्टी के 50 में से 40 से अधिक शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। बाजार में इस तेजी के पीछे अमेरिकी चुनाव के नतीजे, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं।
सेंसेक्स में 1,687 अंकों की छलांग, निफ्टी भी 24,400 के पार पहुंचा
शेयर बाजार में कारोबार के शुरुआती घंटों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सुबह 9 बजकर 53 मिनट पर सेंसेक्स 1,687.79 अंक यानी 2.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,989.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह सुबह 9 बजकर 57 मिनट पर निफ्टी 468.95 अंक यानी 1.96 प्रतिशत चढ़कर 24,428.10 पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी ने बाजार में उत्साह बढ़ा दिया।
बाजार की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का इजाफा
शेयर बाजार में आई इस बड़ी तेजी का सीधा फायदा निवेशकों को मिला। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 8 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सेंसेक्स के 1,600 से ज्यादा अंक चढ़ने और निफ्टी में 450 से अधिक अंकों की तेजी ने बाजार में खरीदारी का माहौल बना दिया।
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को चुनावी झटका, बाजार को मिली मजबूती
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा। खबर में दिए गए विवरण के मुताबिक, पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पर अपना नियंत्रण खो दिया। इस राजनीतिक बदलाव के बाद वैश्विक बाजारों में संभावित नीतिगत बदलावों को लेकर चर्चा तेज हुई।
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में कमी आने की उम्मीद भी बाजार की तेजी की एक वजह बताई गई है। चुनावी नतीजों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव का समाधान निकलने की संभावना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। इससे निवेशकों के बीच वैश्विक हालात बेहतर होने की आशा बनी है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय बाजार को मिला सहारा
कच्चे तेल के दामों में गिरावट को भी भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में कमी से देश के आयात खर्च पर दबाव घट सकता है। इसी वजह से तेल के भाव में गिरावट को बाजार के लिए राहत देने वाला संकेत माना जा रहा है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से निवेश का माहौल बदला
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, 30 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.2 प्रतिशत, 10 साल के बॉन्ड की 4.8 प्रतिशत और दो साल के बॉन्ड की यील्ड 4.5 प्रतिशत तक आ गई। बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर वैश्विक निवेश के रुख पर पड़ सकता है।
डॉलर के मुकाबले रुपया दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा
भारतीय रुपये में भी मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 0.3 प्रतिशत मजबूत होकर 94.35 के स्तर पर पहुंच गया। इसे पिछले दो सप्ताह का उच्च स्तर बताया गया है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को रुपये की मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार की तेजी को दिया अतिरिक्त समर्थन
विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय शेयरों में खरीदारी को भी बाजार की तेजी की प्रमुख वजहों में शामिल किया गया है। जब विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में पैसा लगाते हैं तो शेयरों की मांग बढ़ती है और प्रमुख सूचकांकों को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, आगे बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।





