दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर रेलवे से जुड़ी गलत और भ्रामक जानकारी फैलने की घटनाओं को लेकर उत्तर रेलवे ने सख्त कदम उठाया है। रेलवे ने 4 नवंबर 2026 को फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में दो इंस्टाग्राम हैंडलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट पुराने वीडियो या किसी दूसरी जगह हुई घटनाओं को मौजूदा हालात बताकर साझा कर रहे हैं। इस तरह की पोस्ट से यात्रियों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है और स्टेशन पर अनावश्यक घबराहट या अफरा-तफरी की स्थिति बन सकती है। दूसरी ओर, त्योहारों पर घर जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए रेलवे ने इस साल करीब 18 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं और दिल्ली-एनसीआर के छह बड़े स्टेशनों पर 14 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री भी रोक दी गई है।
पुराने वीडियो को नई घटना बताकर फैलाने वालों पर उत्तर रेलवे ने दर्ज कराई FIR
उत्तर रेलवे ने सोशल मीडिया पर रेलवे से संबंधित भ्रामक वीडियो पोस्ट करने के मामले को गंभीरता से लिया है। 4 नवंबर 2026 को दो इंस्टाग्राम हैंडलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। रेलवे के अनुसार, कुछ अकाउंट ऐसे वीडियो साझा कर रहे थे, जिनमें पुरानी घटनाओं या दूसरे स्थानों के दृश्यों को हाल की घटना बताकर पेश किया जा रहा था। त्योहारों के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से सफर करते हैं, तब इस तरह की पोस्ट यात्रियों को गलत जानकारी दे सकती हैं। किसी स्टेशन पर भगदड़, अव्यवस्था या परेशानी का पुराना वीडियो वर्तमान घटना बताकर साझा करने से लोगों में डर पैदा हो सकता है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सामग्री को हल्के में नहीं लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की, बिना जांचे किसी वीडियो को आगे न भेजें
उत्तर रेलवे ने सोशल मीडिया यूजर्स से कहा है कि रेलवे से जुड़ी किसी भी खबर, वीडियो या तस्वीर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें। केवल वायरल होने के कारण किसी पोस्ट को सही नहीं मान लेना चाहिए। कई बार पुराने वीडियो को नए घटनाक्रम से जोड़कर पेश किया जाता है, जिससे वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम फैलता है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और आरामदायक यात्रा उसकी प्राथमिकता है। इसलिए त्योहारों के समय अफवाहों को बढ़ावा देने वाली सामग्री से बचना जरूरी है। लोगों को चाहिए कि वे आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अपुष्ट पोस्ट को न तो शेयर करें और न ही रीपोस्ट करें।
दिवाली और छठ पर यात्रियों को राहत देने के लिए इस साल चलेंगी करीब 18 हजार स्पेशल ट्रेनें
त्योहारों पर घर लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने इस बार करीब 18 हजार विशेष ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि पिछले साल त्योहारों के दौरान लगभग 12 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। इस बार इनकी संख्या में करीब 6 हजार की बढ़ोतरी की गई है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने गृह नगरों की यात्रा करते हैं। इसी दबाव को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराना और नियमित ट्रेनों में होने वाली भीड़ का दबाव कम करना है।
नई दिल्ली और उधना स्टेशन पर एक साथ 20 हजार यात्रियों के रुकने की व्यवस्था की गई
रेल मंत्री के मुताबिक, अधिक भीड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को व्यवस्थित रखने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं। इनमें सूरत का उधना स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार टर्मिनल शामिल हैं। नई दिल्ली और उधना स्टेशन पर बनाए गए होल्डिंग एरिया में एक समय पर करीब 20 हजार यात्रियों के ठहरने की क्षमता है। इन स्थानों पर शौचालय और हवा आने-जाने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट काउंटर भी होल्डिंग एरिया के भीतर बनाए गए हैं। इससे लोगों को टिकट लेने के लिए मुख्य भीड़ में जाने की जरूरत कम होगी और स्टेशन परिसर में यात्रियों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।
दिल्ली-एनसीआर के छह स्टेशनों पर 14 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिलेंगे
त्योहारों के दौरान प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए उत्तर रेलवे ने दिल्ली-एनसीआर के छह प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री बंद कर दी है। यह व्यवस्था 14 नवंबर तक लागू रहेगी। इस अवधि में केवल कन्फर्म ट्रेन टिकट रखने वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश की अनुमति होगी। जिन स्टेशनों पर यह पाबंदी लगाई गई है, उनमें नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, आनंद विहार हॉल्ट और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन शामिल हैं। हालांकि, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने या उतरने में सहायता की जरूरत होने पर उनके साथ आने वाले मददगारों को छूट दी जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सामान्य दिनों में परिवार और रिश्तेदार यात्रियों को छोड़ने के लिए प्लेटफॉर्म तक आते हैं, जिससे भीड़ बढ़ती है। नई व्यवस्था का मकसद यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करना और जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराना है।