भारतीय मूल की निमिषा को यमन Yemen में फांसी होने वाली है। यमन में निमिषा को 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी। नीमिषा के ऊपर यमन के एक नागरिक की हत्या का आरोप है। नीमिषा प्रिया Neemisha Priya ने यमन के नागरिक की हत्या 2017 में की थी।
क्या था पूरा मामला
निमीषा एक नर्स है और वो अपने पति के साथ यमन के सना में 2011 में गई थी। निमीषा के पति और बेटी वापस भारत लौट आए। लेकिन निमीषा वही रूक गई। वो परिवार की आर्थिक तौर पर मदद करना चाहती थी। इसलिए उसने वही रहना ठीक समझा। निमिषा ने वहां के नागरिक के साथ मिलकर एक अस्पताल खोल लिया। तलाल अब्दो मेहदी के साथ निमीषा ने अस्पताल शुरू किया। नीमिषा को उसी की हत्या के आरोप में 2018 में दोषी पाया गया। नीमिषा पर आरोप था कि उसने अपने बिजनेश पार्टनर को नशीली दवा का इंजेक्शन देकर उससे अपना पासपोर्ट वापस लेने की कोशिश की। इस दवा से उसके पार्टनर की मौत हो गई। उसके बाद उस फांसी की सजा सुनाई गई। फांसी की सजा को वहां की अपली अदालत ने भी जारी रखा। सना की सेंट्रल जेल में बंद निमिषा को कभी कभी परिवार से बात करने की परमिशन मिल जाती है।
पति और बेटी सरकार से लगा रहे है गुहार
नीमिषा के पति टोमी झुडक्की आटो चालक है वो अपनी पत्नी को बचाने का गुहार सरकार से लगा रहे है। निमीषा की बेटी भी चाहती है कि सरकार किसी तरह निमिषा की फांसी की सजा को माफ करवा दे। वही सरकार का कहना है कि वो निमिषा की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
निमिषा को बचाने की कोशिश जारी
नीमिषा को 16 जुलाई को फांसी दे दी जाएगी। इससे पहले नीमिषा को बचाने की सभी संभव कोशिशें की जा रही है। “सेव निमिषा प्रिया इटरनेशल एक्शन काउंसिल” के जरिए निमिषा को बचाने की कोशिशे लगातार जारी है। नीमिषा की मां प्रेमा कुमारी और काउंसिल के सदस्य अब यमन के सना में जुटने वाले है। वहां ये सभी नीमिषा को बचाने की गुहार लगाऐंगे। संगठन के कार्यकर्ता नीमिषा को “ब्लड मनी” के जरिए भी बचाने की कोशिश कर रहे । इसके लिए फंडिंग की जा रही है। लेकिन बताया जा रहा है कि परिवार ने “ब्लड मनी” लेने से इंकार कर दिया है। दऱअसल ब्लड मनी वो पैसा होता है जो पीडित परिवार को आरोपी की तरफ दिया जाता है। लेकिन पीडित परिवार इसके लिए भी तैयार नहीं हो रहा है। ऐसे में परिवार की पूरी उम्मीद भारत सरकार पर आ टिकी है । वही सरकार का भी इस मामले में पूरी कोशिश कर रही है।