बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हाईअलर्ट, 5 जुलाई तक विशेष सतर्कता बरतें…रिकॉर्ड तोड़ बारिश का खतरा, कई राज्यों में बाढ़ की चेतावनी..!

Indian Meteorological Department warning that there may be more than normal rainfall 9July 2025

5 जुलाई तक विशेष सतर्कता बरतें…विशेषकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हाईअलर्ट
जुलाई 2025… रिकॉर्ड तोड़ बरसात का खतरा, कई राज्यों में बाढ़ की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि जुलाई 2025 में देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। खासतौर पर मध्य भारत, उत्तराखंड, और हरियाणा के लिए यह महीना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों और आम लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

कई राज्यों पर मंडरा रहा है खतरा?

आईएमडी के अनुसार, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ, तेलंगाना, गुजरात, और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना है।

उत्तराखंड और हरियाणा में भी भारी वर्षा से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को खतरा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में बहने वाली कई नदियां, जैसे कि सुवर्णरेखा, बुधबलंग, और जलाका, पहले से ही खतरे के निशान के करीब हैं।

ओडिशा में रेड अलर्ट जारी,होगी बारिश भारी

ओडिशा सरकार ने बालासोर और मयूरभंज जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। यहां की नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ODRAF और बचाव दलों को सक्रिय कर दिया गया है और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश

हिमाचल प्रदेश में जून से अब तक 23 लोगों की जान बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में जा चुकी है। चारधाम यात्रा भी बारिश के कारण कई बार बाधित हुई है। राज्य में 34% अधिक वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से काफी ऊपर है।

NCR और दिल्ली में येलो अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं ने क्षेत्र का तापमान तो गिरा दिया, लेकिन आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

कहां होगी कम बारिश?

आईएमडी के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में जुलाई में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। वहीं, अधिकतम तापमान भी कई क्षेत्रों में सामान्य से कम और कुछ में ज्यादा रहने की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राज्यों को चाहिए कि वे समय रहते बचाव और राहत कार्यों की तैयारी करें। आम जनता को भी सलाह दी जाती है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।…(प्रकाश कुमार पांडेय)

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