भारतीय लडाकू विमान तेजस की मुरीद हो गई दुनिया,ये रही खासियत

तेजस ने वायुसेना में अपनी सेवा के सात साल पूरे किए

भारतीय वायुसेना को अगले साल फरवरी से स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस मार्क 1ए की डिलीवरी शुरू हो जाएगी। विमान के इस नए संस्करण में कई तरह के आधुनिक और उन्नत हथियार व उपकरणों जैसे एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्टियर्ड रडार, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल को शामिल किया गया है। जिसकी वजह से इस स्वदेशी लड़ाकू विमान की युद्धक क्षमता में कई गुना इजाफा देखने को मिलेगा। वायुसेना ने शुक्रवार को बताया कि तेजस विमान शनिवार 1 जुलाई को बल में अपनी सेवा के सात साल पूरे करेगा। गौरतलब है कि वर्ष 2021 में रक्षा मंत्रालय ने कुल 83 तेजस मार्क 1ए विमानों के उत्पादन के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ कुल करीब 48 हजार करोड़ रुपए के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। मिस्र, अर्जेंटीना, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया और फिलीपींस जैसे देशों ने इसके लिए रुचि जाहिर की है।

2003 में हुआ था नामांकरण

वर्ष 2003 में विमान का तेजस के रूप में नामकरण किया गया था। वायुसेना के मुताबिक, यह एक बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। जिसे अपनी श्रेणी के विमानों में बेहतरीन माना जाता है। इसका डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है कि यह वायु रक्षा, समुद्री निगरानी और युद्धक भूमिका का आसानी से निर्वाह कर सकता है। तेजस बिना किसी चिंता या दबाव के विमान संचालन और हवाई गतिविधियों को अंजाम देने में भी पूरी तरह से सक्षम है। इसकी इस क्षमता को बहुपक्षीय एयरबॉर्न रडार, हेलमेट, सेल्फ प्रोटेक्शन सूट और लेजर पॉड से और अधिक मजबूती मिली है। तेजस की पहली स्क्वाड्रन को फ्लाइंग डैगर्स यानी नंबर 45 कहा जाता है। स्क्वाड्रन में वैंपायर से जीनेट्स भी शामिल रहे। इसके बाद सामने आई मिग-21 बाइसन। फ्लाइंग डैगर्स में उड़ान भरने वाले सभी विमानों का उत्पादन भारत में किया गया है। इनमें लाइसेंस के आधार पर डिजाइन और विकास भी शामिल है। मई 2020 से तेजस विमानों की दूसरी स्क्वाड्रन ऑपरेट कर रही है। फिलहाल वायुसेना के पास इसकी दो स्क्वॉड्रन हैं।

अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में तेजस ने दिखाया जलवा

तेजस ने कई अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में अपनी हवाई युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया है। जिसमें मलेशिया का एलआईएमए-2019, 2021 का दुबई एयर शो, 2021 में श्रीलंका की वायुसेना की वर्षगांठ का समारोह, 2022 का सिंगापुर एयर शो और 2017 से 2023 तक एयरो इंडिया शो में की गई भागीदारी शामिल है। विदेशी वायुसेनाओं के साथ भी तेजस कई युद्धाभ्यासों में शामिल हुआ है। जिसमें मार्च महीने में यूएई में हुआ डेजर्ट फ्लैग युद्धाभ्यास मुख्य रूप से शामिल है। यह किसी विदेशी युद्धाभ्यास में तेजस की पहली उपस्थिति के रूप में दर्ज हुआ है।

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