Indian Embassy: ईरान में युद्ध जैसे हालात के बीच भारतीय दूतावास का अलर्ट, नागरिकों को घरों में रहने की सख्त सलाह

ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई इलाकों में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारतीय दूतावास, तेहरान ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने साफ तौर पर कहा है कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील हैं, ऐसे में भारतीय नागरिक अनावश्यक आवाजाही से बचें, अधिकतर समय घरों के भीतर रहें और स्थिति पर नजर बनाए रखें। यह चेतावनी इज़राइल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए बड़े संयुक्त सैन्य हमले के बाद जारी की गई है।

भारतीय दूतावास की चेतावनी, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सतर्क रहने का आह्वान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में दूतावास ने भारतीय नागरिकों से कहा कि वे स्थानीय हालात को हल्के में न लें और किसी भी आपात स्थिति के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की जानकारी स्थिति के अनुसार साझा की जाएगी। दूतावास का यह कदम ईरान में रह रहे छात्रों, पेशेवरों और व्यापार से जुड़े भारतीयों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

इज़राइल और अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभियान, ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ से बढ़ा तनाव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिलकर ईरान में सैन्य ठिकानों, मिसाइल निर्माण इकाइयों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इस संयुक्त कार्रवाई को “ऑपरेशन रोअरिंग लायन” नाम दिया गया है। हमलों के बाद ईरान के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

तेहरान में विस्फोटों की पुष्टि, सरकारी इमारतों के आसपास उठता दिखा धुआं

ईरानी सरकारी मीडिया ने राजधानी तेहरान के दक्षिणी इलाकों में धमाकों की पुष्टि की है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई मंत्रालयों के आसपास स्थित क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया। हालांकि अब तक नुकसान और हताहतों को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इस बीच, शहर के कुछ हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं में भी बाधा की खबरें हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

इज़राइल में आपातकाल, अस्पताल अंडरग्राउंड शिफ्ट और हवाई क्षेत्र बंद

इज़राइली प्रशासन ने पूरे देश में विशेष आपात स्थिति घोषित कर दी है। रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज ने सिविल डिफेंस कानून के तहत यह फैसला लेते हुए संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी दी। अस्पतालों को सुरक्षित भूमिगत सुविधाओं में स्थानांतरित किया गया है और देशभर में सायरन बजाए गए। सुरक्षा कारणों से ईरान, इज़राइल और इराक ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं, जिससे सभी उड़ानें निलंबित हो गई हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान और क्षेत्रीय युद्ध की आशंका, कूटनीतिक प्रयास प्रभावित

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अखबार जेरूसलम पोस्ट ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से हमलों में अमेरिका की सक्रिय भूमिका की पुष्टि की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में “बड़े सैन्य अभियान” शुरू किए हैं। वहीं, ईरानी सूत्रों के अनुसार सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। इन घटनाओं के चलते ओमान में चल रही अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता भी प्रभावित होने की खबर है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में बड़े संघर्ष की आशंका गहराती जा रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

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