देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर होकर सामान्य निम्न दबाव में बदल गया है। यह सिस्टम फिलहाल दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी पर सक्रिय है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 0.8 किलोमीटर तक फैला हुआ है और अगले 24 घंटों में यह उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर हो जाएगा।
इसके अलावा पश्चिम असम और उत्तराखंड के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिससे कुछ राज्यों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में बारिश की हलचल, कई इलाकों में दर्ज हुई मध्यम वर्षा
पिछले 24 घंटों के दौरान केरल में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली।
मराठवाड़ा, विदर्भ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा, जिससे तापमान में हल्की गिरावट महसूस की गई।
अंडमान-निकोबार में 23 से 26 फरवरी के बीच व्यापक वर्षा की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 23 से 26 फरवरी के बीच अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में मध्यम से तेज वर्षा भी संभव है। समुद्री इलाकों में हवाओं की रफ्तार बढ़ने की आशंका है, इसलिए मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़, दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।
आंतरिक कर्नाटक में हल्की वर्षा संभव है, जबकि छत्तीसगढ़, तेलंगाना और दक्षिण मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बारिश हो सकती है। लोगों को मौसम बदलने के कारण स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में हल्की बारिश, उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगा तापमान
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलग-थलग इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ठंडा बना रह सकता है।
वहीं, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। दिन के समय गर्मी का एहसास बढ़ सकता है, जबकि सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रह सकती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।





