17 सितंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को सकारात्मक शुरुआत की। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 250 अंक की छलांग के साथ खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 25,300 के ऊपर कारोबार करने लगा। शुरुआती समय में बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर में निवेशकों ने खरीदारी की, जिससे बाजार में मजबूती बनी। विशेषज्ञों के अनुसार भारत-अमेरिका ट्रेड डील और वैश्विक आर्थिक संकेतों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया।
बाजार में तेजी के कारण
विदेशी निवेशक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देशों, जैसे भारत, में पूंजी निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही घरेलू मांग में सुधार और त्योहारों से पहले जीएसटी दरों में राहत का असर भी देखा गया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वाहन और टिकाऊ उपभोक्ता सामान सेक्टर में बढ़ी मांग से शेयर मजबूत हुए।
भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता का असर
भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापारिक वार्ता निवेशकों की नजरों में है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले का भी बाजार पर सीधा असर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार अमेरिकी केंद्रीय बैंक दरों में कटौती कर सकता है, जिससे ग्लोबल लिक्विडिटी और निवेश प्रवाह भारतीय बाजार में बढ़ सकता है।
विदेशी निवेश और बाजार पर असर
यदि यूएस फेड दरों में कटौती करता है तो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट आएगी, जिससे विदेशी निवेशक भारतीय बॉन्ड और शेयर बाजार में पूंजी लगाएंगे। इससे रुपया स्थिर रहेगा और इक्विटी मार्केट को मजबूती मिलेगी।
घरेलू कारक और उम्मीदें
देश में जीएसटी में राहत और त्योहारों के समय बढ़ी मांग से एफएमसीजी, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में मजबूती देखी जा सकती है। निवेशक इन सेक्टरों में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं और बाजार में सकारात्मक रुख जारी रहने की संभावना है।
नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।





