भारत और पाकिस्तान ने शनिवार को अपनी नियमित सालाना प्रक्रिया के हिसाब से आपस में नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान कर उनकी जल्द से जल्द रिहाई की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि इसमें भारत ने अपनी जेलों में बंद 343 पाकिस्तानी नागरिक कैदियों और 74 मछुआरों की सूची सौंपी है। जबकि पाकिस्तान ने पाक जेलों में बंद 42 भारतीय नागरिक कैदियों और 266 मछुआरों की सूची दी है।
सूची का आदान-प्रदान
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच वर्ष 2008 में हुए काउंसलर एक्सेस समझौते के प्रावधानों के हिसाब से हर साल दोनों देशों के बीच 1 जनवरी और 1 जुलाई को इस सूची का आदान-प्रदान किया जाता है। इसी क्रम में हर साल 1 जनवरी को दोनों देशों के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में भी जानकारी को साझा किया जाता है। ये जानकारी भारत-पाक के बीच हुए वर्ष 1988 के समझौते के तहत साझा की जाती है। जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद से कूटनीतिक संबंधों में आई भारी दरार के बीच उक्त सूची का आदान-प्रदान ही प्रत्यक्ष रूप से जारी है।
सजा पूरी कर चुके 254 मछुआरे
मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से सजा पूरी कर चुके 254 भारतीय मछुआरों और 4 नागरिक कैदियों की जल्द से जल्द रिहाई और स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा पाकिस्तान की जेलों में बंद बाकी बचे हुए 12 मछुआरों और 14 नागरिक कैदियों को तत्काल काउंसलर (सलाहकार) सुविधा प्रदान करने की भी मांग की है। साथ ही कहा है कि उसकी कैद में बंद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण की भी उचित व्यवस्था की जाए।
2 हजार से अधिक नागरिको वापसी
आंकड़ों के हिसाब से देखें तो सरकार के नियमित प्रयासों की वजह से वर्ष 2014 से लेकर अब तक कुल 2 हजार 559 भारतीय मछुआरे और 63 नागरिक कैदी पाकिस्तान से भारत पहुंच चुके हैं। इसमें 398 भारतीय मछुआरे और 5 नागरिक कैदी शामिल हैं। जिनकी पाक से सुरक्षित स्वदेश वापसी हुई है। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत सभी मानवीय मुद्दों के समाधान को लेकर प्रतिबद्ध है। इसमें भारत और पाकिस्तान की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों का मामला भी शामिल है। इसी परिपेक्ष्य में भारत ने पाकिस्तान से 62 कैदियों और मछुआरों की पाक राष्ट्रीयता का जल्द सत्यापन करने का अनुरोध किया है।





