तूफानों से तबाह मेडागास्कर के लिए भारत ने भेजी त्वरित सहायता और जताई एकजुटता
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने उष्णकटिबंधीय चक्रवात फितिया और गेज़ानी से भारी नुकसान झेल रहे मेडागास्कर की मदद के लिए मानवीय सहायता भेजी है। बुधवार को भारतीय वायुसेना के C-17 विमान के जरिए राहत सामग्री राजधानी एंटानानारिवो पहुंचाई गई। मंत्रालय ने कहा कि कठिन समय में भारत मेडागास्कर के लोगों के साथ खड़ा है और राहत कार्यों में हर संभव सहयोग दे रहा है।
चिकित्सा और राहत सामग्री से भरी खेप से प्रभावित समुदायों को तत्काल राहत की उम्मीद
भेजी गई सहायता में 12 टन मेडिकल सप्लाई और 18 टन आपदा राहत सामग्री शामिल है। इसमें जीवनरक्षक दवाएं, सर्जिकल उपकरण, टेंट, पानी भंडारण टैंक, डिग्निटी किट और रेडी-टू-ईट भोजन शामिल हैं। इन सामग्रियों का उद्देश्य तूफान से प्रभावित लोगों को तुरंत राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
फितिया और गेज़ानी के लगातार हमलों से मेडागास्कर को भारी नुकसान
मेडागास्कर इस साल दो बड़े चक्रवातों से बुरी तरह प्रभावित हुआ। 31 जनवरी 2026 को फितिया ने बोएनी क्षेत्र के सोआलाला के पास कैटेगरी-3 स्तर के तूफान के रूप में दस्तक दी, जिससे कई इलाकों में बाढ़ आई। इसके कुछ ही दिनों बाद फरवरी में गेज़ानी ने फिर तबाही मचाई, जिसमें कई लोगों की जान गई और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर को भी नुकसान पहुंचा।
मोजाम्बिक के लिए भी भारत का राहत अभियान जारी, बहुस्तरीय सहायता भेजी गई
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि बाढ़ से जूझ रहे मोजाम्बिक की मदद के लिए भी भारत ने बहुस्तरीय राहत अभियान शुरू किया है। भारत ने 500 मीट्रिक टन चावल तत्काल खाद्य सहायता के रूप में भेजा है। इसके अलावा 10 मीट्रिक टन जरूरी राहत सामग्री और 3 टन दवाएं नौसेना के जहाज के जरिए भेजी गईं।
हिंद महासागर क्षेत्र में भरोसेमंद साझेदार के रूप में भारत की भूमिका मजबूत
मंत्रालय ने कहा कि भारत मानवीय, चिकित्सीय और लॉजिस्टिक सहायता के जरिए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे एक बार फिर भारत की छवि संकट के समय भरोसेमंद सहयोगी के रूप में उभरी है।