भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका: पुतिन और जेलेंस्की दोनों करेंगे भारत का दौरा…अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर के बीच हिंदुस्तान का बढ़ा कूटनीतिक दबदबा

India growing global role Both Putin and Zelensky will visit India

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका: पुतिन और जेलेंस्की दोनों करेंगे भारत का दौरा… अमेरिका के साथ ट्रेड वॉर के बीच हिंदुस्तान का बढ़ा कूटनीतिक दबदबा

भारत की विदेश नीति एक बार फिर वैश्विक मंच पर सुर्खियां बटोर रही है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बावजूद भारत दोनों देशों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए हुए है। इसी बीच यह बड़ी खबर सामने आई है कि साल के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आएंगे, वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के भारत दौरे की भी तैयारी चल रही है।

पीएम मोदी ने दिया जेलेंस्की को न्योता

शनिवार 23 अगस्त 2025 को भारत-यूक्रेन संबंधों में एक अहम मोड़ नजर आया है। यूक्रेन की स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली का ऐतिहासिक कुतुब मीनार और यूक्रेन के झंडे के रंगों से जगमगा उठा। इसी मौके पर यूक्रेन के राजदूत ऑलेक्जेंडर पोलिशचुक भी मौजूद रहे। जिन्होंने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यू​क्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को भारत आने का न्योता दिया है। फिलहाल भारत और यू​क्रेन दोनों ही देशों के अधिकारी तारीख तय करने पर काम कर रहे हैं। राजदूत की माने तो अगर यह दौरा होता है तो यह भारत-यूक्रेन रिश्तों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।

पुतिन भी करेंगे दौरा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने को लेकर भी तैयारियां जोरों पर हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हाल ही में पुष्टि की थी कि पुतिन का दौरा इस साल के अंत में होगा। रूसी मीडिया ने भी रिपोर्ट दी है कि 2025 के अंत तक पुतिन भारत यात्रा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर नाराजगी जताई है और भारतीय सामान पर टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया है। भारत ने इसे “अनुचित और तर्कहीन” बताते हुए सख्त आपत्ति जताई है।

भारत का कड़ा रुख

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा है कि भारत किसी भी तरह से अमेरिकी दबाव में नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि संभावित व्यापार समझौते पर बातचीत के दौरान भारत किसानों और छोटे उद्योगों के हितों से समझौता नहीं करेगा। जयशंकर के मुताबिक, वर्तमान समय में भारत-अमेरिका संबंध तीन प्रमुख चुनौतियों से गुजर रहे हैं।
टैरिफ और व्यापार विवाद
रूस से तेल आयात का मसला
पाकिस्तान को लेकर अमेरिका की दखलअंदाजी
‘ट्रंप की नीति सबसे अलग’

जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ट्रंप की शैली अब तक के सभी अमेरिकी राष्ट्रपतियों से बिल्कुल अलग है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप विदेश नीति को बहुत ही खुले और सार्वजनिक तौर पर दुनिया के सामने रखते हैं, जो पहले कभी देखने को नहीं मिला।

भारत की मजबूती का संदेश

एक ओर अमेरिका के साथ टकराव है, दूसरी ओर भारत की कूटनीति का प्रभाव ऐसा है कि रूस और यूक्रेन दोनों ही देशों के शीर्ष नेता भारत यात्रा पर आना चाहते हैं। इससे साफ है कि वैश्विक राजनीति में भारत का दबदबा लगातार बढ़ रहा है और दुनिया इसे नजरअंदाज नहीं कर सकती।

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