अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बावजूद देश के विदेशी व्यापार से जुड़े आंकड़े नवंबर में सकारात्मक संकेत देते नजर आए हैं। भारत ने नए देशों के साथ व्यापारिक रिश्ते मजबूत किए हैं, जिसका सीधा असर निर्यात पर पड़ा है। नवंबर में न सिर्फ एक्सपोर्ट ने नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि देश के व्यापार घाटे में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
नवंबर में टूटा 10 साल का निर्यात रिकॉर्ड
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर महीने में भारत का निर्यात सालाना आधार पर 19.37% की बढ़त के साथ 38.13 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह पिछले दस वर्षों में किसी एक महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि नवंबर की मजबूत परफॉर्मेंस ने अक्टूबर में हुए नुकसान की भरपाई कर दी है। अक्टूबर में निर्यात 34.38 अरब डॉलर रहा था।
आयात घटा, व्यापार घाटे में राहत
नवंबर में आयात में भी नरमी देखने को मिली। आयात 1.88% घटकर 62.66 अरब डॉलर पर आ गया। इसी वजह से देश का व्यापार घाटा कम होकर 24.53 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले 5 महीनों में सबसे कम है। रॉयटर्स सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने नवंबर में व्यापार घाटा 32 अरब डॉलर रहने का अनुमान जताया था, जबकि अक्टूबर में यह रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर तक पहुंच गया था।
🇮अमेरिका को निर्यात में मजबूती
टैरिफ के बावजूद अमेरिका को भारत का निर्यात मजबूत बना हुआ है। नवंबर में अमेरिका को भारतीय निर्यात महीना-दर-महीना करीब 10% बढ़कर 6.92 अरब डॉलर हो गया। सालाना आधार पर इसमें 21% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अक्टूबर में यह आंकड़ा 6.31 अरब डॉलर था, जबकि एक साल पहले इसी महीने में 5.71 अरब डॉलर रहा था।
अप्रैल से नवंबर तक की तस्वीर
पूरे वित्तीय वर्ष में अप्रैल से नवंबर के बीच भारत का कुल निर्यात 2.62% बढ़कर 292.07 अरब डॉलर पहुंच गया है। वहीं आयात 5.59% की बढ़त के साथ 515.21 अरब डॉलर रहा। इस अवधि में कुल व्यापार घाटा 223.14 अरब डॉलर दर्ज किया गया। वाणिज्य सचिव के अनुसार, आयात में कमी की बड़ी वजह सोना, कच्चा तेल और कोयले की खरीद में गिरावट है।





