भारत और कनाडा ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का स्पष्ट रोडमैप तय कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों ने 2030 तक 50 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस सहमति को भारत–कनाडा संबंधों में एक नए युग की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
रणनीतिक साझेदारी को ‘नेक्स्ट लेवल’ पर ले जाने का साझा संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडाई पीएम के पहले आधिकारिक भारत दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देश अब केवल पारंपरिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आर्थिक, रणनीतिक और लोगों से लोगों के जुड़ाव को केंद्र में रखकर रिश्तों को “नेक्स्ट-लेवल पार्टनरशिप” में बदलेंगे। इस दिशा में व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति बनी है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
निवेश और व्यापार में भरोसे की मजबूत नींव
भारत की अर्थव्यवस्था में कनाडा का भरोसा लगातार गहराता जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कनाडा के पेंशन फंड्स ने भारत में लगभग 100 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो भारत की ग्रोथ स्टोरी पर वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। दोनों देशों के नेता बिजनेस प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि भविष्य की आर्थिक साझेदारी के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जा सके।
तकनीक, इनोवेशन और मिनरल सप्लाई में नई साझेदारी
भारत–कनाडा इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स पर हुए समझौते से सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भी स्टार्टअप्स और उद्योगों को जोड़ने की योजना बनी है।
ऊर्जा, परमाणु सहयोग और हरित भविष्य की तैयारी
ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों ने हाइड्रोकार्बन, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज पर आधारित “नेक्स्ट जेनरेशन पार्टनरशिप” बनाने का फैसला किया है। कनाडा के इंटरनेशनल सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल होने का भारत ने स्वागत किया। साथ ही दीर्घकालिक यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स पर सहयोग को भी आगे बढ़ाया गया है।
डिफेंस, शिक्षा और लोगों के जुड़ाव पर खास फोकस
रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में डिफेंस इंडस्ट्री, समुद्री सुरक्षा और सैन्य आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए भारत–कनाडा डिफेंस डायलॉग स्थापित किया जाएगा। शिक्षा में AI, हेल्थकेयर और एग्रीकल्चर से जुड़े विश्वविद्यालय सहयोग, कनाडाई यूनिवर्सिटीज के भारत में कैंपस और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी सहमति बनी। दोनों नेताओं ने आतंकवाद, उग्रवाद और वैश्विक अस्थिरता पर चिंता जताते हुए संवाद और कूटनीति को समाधान का रास्ता बताया।