नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में रविवार को INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर के करीब 25 विपक्षी दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति, संसद के मुद्दे और विपक्षी एकजुटता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के जरिए विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ साझा आवाज बुलंद करने का संकेत दिया।
एक साल बाद हुई बैठक में विपक्ष ने दिखाई एकजुटता की ताकत
करीब एक वर्ष बाद आयोजित इस महत्त्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस समेत विभिन्न सहयोगी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करना और राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करना रहा। नेताओं ने माना कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी एकता को और मजबूत करने की जरूरत है।
खरगे ने किया बड़ा ऐलान, नियमित बैठकों का बनेगा नया कैलेंडर
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन अब अधिक सक्रिय भूमिका में नजर आएगा। उन्होंने घोषणा की कि गठबंधन के सभी दल हर दो महीने में बैठक करेंगे और जनता से जुड़े मुद्दों को मिलकर उठाएंगे। साथ ही अगस्त में संसद के मानसून सत्र से पहले भी एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था और NEET परीक्षा को लेकर सरकार को घेरा
बैठक में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने NEET परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
देशभर के दिग्गज विपक्षी नेता एक मंच पर आए नजर
बैठक में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खरगे, उमर अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, महबूबा मुफ्ती और दीपांकर भट्टाचार्य सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक SIR से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। बैठक ने साफ संकेत दिया कि विपक्ष आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए संयुक्त रूप से मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।





