India AI Impact Summit: में मध्यप्रदेश की दमदार मौजूदगी, “मध्यप्रदेश पवेलियन” से दिखेगा AI आधारित सुशासन और टेक्नोलॉजी का भविष्य

भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे India AI Impact Summit 2026 में इस बार मध्यप्रदेश अपनी तकनीकी ताकत और नवाचारों के साथ राष्ट्रीय मंच पर बड़ा संदेश देने जा रहा है। 16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय समिट में मध्यप्रदेश सरकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के नेतृत्व में “मध्यप्रदेश पवेलियन” की स्थापना करेगी। यह आयोजन भारत मंडपम में होगा, जहां देश-विदेश के नीति निर्माता, टेक विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स और निवेशक एक साथ जुटेंगे।

राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश का AI रोडमैप और तकनीकी विज़न

मध्यप्रदेश पवेलियन के जरिए राज्य सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान शासन और विकास का मजबूत आधार बन चुका है। हॉल-4, फर्स्ट फ्लोर में बूथ नंबर 4F32 और 4F34 पर स्थित यह पवेलियन रोज़ाना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक आम दर्शकों और विशेषज्ञों के लिए खुला रहेगा। यहां AI आधारित गवर्नेंस मॉडल, डीप-टेक इनोवेशन और स्टार्टअप-ड्रिवन सॉल्यूशंस को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि यह दिखाया जा सके कि राज्य स्तर पर AI को कैसे ज़मीनी स्तर तक उतारा जा रहा है।

भोपाल से दिल्ली तक: AI प्रयोगों की मजबूत पृष्ठभूमि

मध्यप्रदेश की यह भागीदारी अचानक नहीं है। इससे पहले 15 जनवरी 2026 को भोपाल में आयोजित रीजनल AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस में राज्य ने AI के व्यावहारिक उपयोगों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया था। उस सम्मेलन में स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी प्रबंधन, औद्योगिक ऑटोमेशन और प्रशासनिक सुधारों में AI के सफल प्रयोगों को साझा किया गया। उसी अनुभव और फीडबैक के आधार पर अब राज्य सरकार इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में और भी परिपक्व, प्रोडक्शन-रेडी और स्केलेबल सॉल्यूशंस के साथ उतर रही है।

चार विभाग, एक लक्ष्य: AI से बेहतर सेवाएं और पारदर्शी प्रशासन

समिट के दौरान मध्यप्रदेश के चार प्रमुख विभाग अपने-अपने क्षेत्र में AI आधारित समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा AI-ड्रिवन हेल्थकेयर सॉल्यूशंस दिखाए जाएंगे, जिनका उद्देश्य रोग पहचान, उपचार योजना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग MGNREGA के लिए विकसित AI आधारित जिला प्रदर्शन रिपोर्टिंग सिस्टम प्रस्तुत करेगा, जिससे योजनाओं की मॉनिटरिंग और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके।
वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास निदेशालय कई इनोवेशन सामने लाएगा, जिनमें MP Urban Locker, जनरेटिव AI आधारित GIS गरुड़ लैब, AI से संचालित फ्लीट और फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम तथा ई-नगर पालिका इंटीग्रेशन फ्रेमवर्क शामिल हैं। इसके साथ ही मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा उन्नत डिजिटल एंगेजमेंट टूल्स जैसे होलोग्राफिक डिस्प्ले, महाकाल दर्शन का इमर्सिव अनुभव, इंटरएक्टिव डिजिटल कियोस्क और VR आधारित 360-डिग्री टूरिज्म टूल्स प्रदर्शित किए जाएंगे।

स्टार्टअप्स, सोवरेन AI और MPSEDC की रणनीतिक भूमिका

मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के AI इनिशिएटिव्स पवेलियन का प्रमुख आकर्षण होंगे। यहां सोवरेन AI प्लेटफॉर्म, स्टार्टअप इनक्यूबेशन मॉडल और डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म को खास तौर पर प्रदर्शित किया जाएगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और अन्य इनोवेशन हब्स से आए स्टार्टअप्स प्रोडक्शन-रेडी AI सॉल्यूशंस पेश करेंगे, जिनमें मल्टी-लिंगुअल डिजिटल अवतार, टेली-फिजियोथेरेपी डिवाइस, बुजुर्गों की देखभाल के लिए AI एजेंट, इंडस्ट्रियल फोरकास्टिंग और डिजिटल ट्विन्स, AI आधारित कृषि व फसल डायग्नोस्टिक सिस्टम, रोबोटिक्स और जनरेटिव AI क्रिएटिव टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इसके साथ-साथ AI, डीप-टेक, AVGC-XR, हेल्थ-टेक, एग्री-टेक और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन में निवेश के अवसरों को भी प्रमुखता से रखा जाएगा।

AI आधारित भविष्य की ओर मध्यप्रदेश का निर्णायक कदम

भारत मंडपम में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन राज्य के उस व्यापक AI इकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व करेगा, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, शिक्षा और उभरती तकनीकों तक फैला हुआ है। इस पहल के माध्यम से मध्यप्रदेश न केवल AI-ड्रिवन गवर्नेंस को मजबूत कर रहा है, बल्कि आर्थिक परिवर्तन और रोजगार सृजन की दिशा में भी ठोस कदम उठा रहा है। तेजी से बदलते डिजिटल परिदृश्य में मध्यप्रदेश खुद को भारत के एक उभरते टियर-2 टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में स्थापित करने की ओर अग्रसर है।

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