Independence Day 2025:गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस में अंतर …जानें तिरंगा फहराने की परंपरा…

Independence Day 2025 Difference between Republic Day and Independence Day

नई दिल्ली: भारत हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाता है। यह दिन 1947 में ब्रिटिश शासन से मिली आज़ादी की याद दिलाता है और देशवासियों में गर्व व देशभक्ति की भावना जगाता है। 2025 में भी यह परंपरा पूरे उत्साह के साथ निभाई जाएगी।

प्रधानमंत्री फहराते हैं तिरंगा
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्र के सामने गुजरे साल की उपलब्धियों के साथ ही देश की चुनौतियों और आने साल में काम करने वाली योजनाओं की जानकारी देश की जनता को देते हैं। इसके बाद लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के  बाद राष्ट्रगान गाया जाता है।

गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस में अंतर
अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि हर राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रपति ही झंडा फहराते हैं हालांकि ऐसा नहीं है।
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते हैं, क्योंकि यह दिन देश की कार्यकारी सरकार की ओर से आज़ादी के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। जबकि गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के दिन राष्ट्रपति ही झंडा फहराते हैं। दरअसल यह दिन संविधान लागू होने के साथ सर्वोच्च संवैधानिक पद का भी प्रतीक माना जाता है।

झंडा फहराने की प्रक्रिया
स्वतंत्रता दिवस पर झंडा “फहराया” जाता है, यानी नीचे से ऊपर खींचा जाता है और खुलने के बाद लहराता है। वहीं गणतंत्र दिवस पर झंडा “अधोमुखी खोला” जाता है, क्योंकि इसे पहले से ऊपर बांधा जाता है और फिर खोला जाता है।

राज्यों और जिलों में समारोह

राज्यों में मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय समारोह में तिरंगा फहराते हैं।
जिलों में जिला अधिकारी या कलेक्टर यह कार्य करते हैं।
स्कूल—कॉलेज के साथ अन्य शैक्षधिक संस्थानों में प्रिंसिपल या संस्था प्रमुख झंडा फहराते हैं।

देशभर में उत्सव का माहौल

देश के हर हिस्से में तिरंगे की शान को बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्वतंत्रता दिवस न केवल आज़ादी की याद दिलाता है, बल्कि देशवासियों में एकजुटता और देशभक्ति की भावना भी मजबूत करता है।

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