पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों से Imran Khan की सेहत को लेकर जो कुछ हुआ, वह किसी सामान्य medical check-up जैसा नहीं दिखा। एक पूर्व प्रधानमंत्री, जो करीब तीन साल से जेल में हैं। परिवार बार-बार उनकी सेहत पर चिंता जता रहा है। पार्टी सरकार पर इलाज में बाधा डालने का आरोप लगा रही है। सरकार कह रही है कि उन्हें पूरी medical care मिल रही है। Supreme Court को बीच में आना पड़ता है। फिर भारी सुरक्षा में उन्हें जेल से अस्पताल ले जाया जाता है।कुछ घंटों बाद doctors उन्हें fit बताते हैं। और Imran Khan वापस Adiala Jail भेज दिए जाते हैं।
यही कुछ घंटे अब Pakistan की राजनीति में एक बड़ा सवाल बन गए हैं।
मामला सिर्फ आंख या दिल की जांच का नहीं था Imran Khan की health को लेकर चिंता अचानक पैदा नहीं हुई।उनका परिवार और उनकी पार्टी PTI काफी समय से कह रहे थे कि जेल में उनकी medical condition को लेकर पर्याप्त transparency नहीं है। खासकर आंखों की परेशानी और specialist doctors तक पहुंच को लेकर सवाल उठते रहे।
सरकार का जवाब हमेशा लगभग एक जैसा रहा Imran Khan का इलाज हो रहा है, doctors उन्हें देखते हैं, और उनके साथ किसी तरह की medical neglect नहीं हो रही।
लेकिन दोनों पक्षों के बीच भरोसा इतना कम हो चुका था कि आखिरकार Supreme Court को दखल देना पड़ा। Supreme Court का आदेश क्यों महत्वपूर्ण था?
Court ने कहा कि Imran Khan को jail से बाहर ले जाकर specialist doctors की team से जांच कराई जाए।यह सिर्फ एक routine check-up नहीं था। Court ने यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की कि medical process पर परिवार और Khan के personal doctor का भी भरोसा बने। यानी अदालत का संदेश साफ था इलाज सिर्फ होना नहीं चाहिए, treatment process पर भरोसा भी होना चाहिए।
जब medical issue political issue बन गया।
सरकार की आपत्ति भी पूरी तरह बेबुनियाद नहीं थी ।सरकार का कहना था कि अगर Imran Khan जैसे high-profile prisoner को अपनी पसंद के private hospital में इलाज की विशेष सुविधा मिलती है, तो दूसरे prisoners भी वही मांग कर सकते हैं। क्या किसी व्यक्ति की political importance के कारण जेल के नियम अलग हो जाने चाहिए?
अगर कानून सभी के लिए बराबर है तो medical facilities के standards भी समान होने चाहिए।
सरकार के इस तर्क के सामने परिवार का सवाल भी उतना ही सीधा था अगर treatment सही है और Khan की हालत ठीक है, तो independent doctors और transparent medical examination से परेशानी क्यों?
माहौल भी चिंताजनक दिखाई दे रहा था
जब Imran Khan को जेल से अस्पताल ले जाने का समय आया, तो माहौल किसी सामान्य prisoner transfer जैसा नहीं था। Adiala Jail के आसपास security बढ़ाई गई। Convoy निकला।
Hospital के आसपास police deployment हुई और लोगों की आवाजाही सीमित की गई।
वहीं Media और supporters की नजरें पूरी तरह उसी movement पर थीं।
क्योंकि Imran Khan सिर्फ एक prisoner नहीं हैं।वह आज भी Pakistan के सबसे लोकप्रिय और सबसे polarising नेताओं में से एक हैं। उनका जेल से बाहर निकलना, चाहे केवल medical examination के लिए ही क्यों न हो, अपने आप में political event बन सकता था।
Hospital कौन-सा था, इस पर भी विवाद
Court के order को लेकर एक specific hospital का नाम चर्चा में था, लेकिन बाद में government और PTI की तरफ से अलग-अलग versions सामने आए कि actual examination कहां हुआ और किन specialists ने किया।
एक साधारण medical visit में यह detail शायद बड़ी बात न लगती।लेकिन यहां हर detail राजनीतिक बन चुकी थी।Family पूछ रही थी क्या court order का exactly पालन हुआ?
Government कह रही थी medical examination हुआ, doctors involved थे, और rules follow किए गए । यही इस पूरे episode की सबसे बड़ी समस्या थी clarity कम थी, claims ज्यादा थे।
कुछ घंटों बाद: ‘Fit’ और वापस जेल
Doctors ने Imran Khan की जांच की।सरकारी पक्ष के मुताबिक उन्हें hospital में admit रखने की जरूरत नहीं थी।उनकी हालत ऐसी नहीं पाई गई कि उन्हें जेल से बाहर medical supervision में रखा जाए।इसलिए कुछ घंटों बाद उन्हें वापस Adiala Jail ले जाया गया।यहीं से PTI और परिवार के सवाल फिर तेज हो गए। उनका कहना था कि court order का उद्देश्य केवल जेल से निकालकर कुछ tests कराना नहीं था, बल्कि एक ऐसा medical process सुनिश्चित करना था जिस पर सभी पक्ष भरोसा कर सकें। सरकार कह रही थी doctors ने fit कहा, इसलिए jail वापसी सामान्य थी।Government PTI के आरोपों को political drama मानती है। और supporters हर सरकारी कदम को suspicion से देखते हैं।ऐसे माहौल में doctor का एक simple sentence भी political statement बन जाता है।
परिवार का डर सिर्फ बीमारी नहीं है
Imran Khan के परिवार की चिंता केवल यह नहीं है कि उनकी आंख या health condition कैसी है।
उनकी चिंता यह भी है कि लंबे समय तक जेल में रहने, सीमित access और political isolation का overall असर क्या हो रहा है। वह चाहते हैं कि medical records transparent हों, trusted doctors उन्हें देखें और यह साफ हो कि treatment पूरी तरह professional basis पर हो रहा ह
Imran Khan former prime minister हैं, लेकिन वह जेल में एक convicted prisoner के रूप में हैं और उनके खिलाफ कई legal proceedings भी चल रही हैं। उनकी popularity उन्हें कानून से ऊपर नहीं रख सकती।
Hospital visit ने Pakistan की राजनीति की बीमारी दिखा दी
इस पूरे घटनाक्रम में शायद सबसे परेशान करने वाली बात Imran Khan की medical condition नहीं, बल्कि Pakistan की political condition है। एक former prime minister की health पर Supreme Court को intervene करना पड़ता है। Government order को अलग तरह से interpret करती है। समस्या यह है कि Pakistan की राजनीति में institutions, government, opposition और public किसी के बीच भरोसा बचा ही कितना है?
Medical check-up था, तो इसे लेकर इतनी security, इतनी राजनीति और इतना अविश्वास क्यों था?