Weather Update: दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश के आसार, 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; कई राज्यों में अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 13 से 15 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। कुछ स्थानों पर 14 और 15 अक्टूबर को ओलावृष्टि भी हो सकती है। खराब मौसम से खेतों में खड़ी फसलों, बिजली व्यवस्था और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश का अनुमान है। वहीं, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर बारिश होने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय परिसंचरण जैसी मौसमी प्रणालियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाओं से बढ़ेगी परेशानी
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम बदल सकता है। IMD के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 13 से 15 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी आने की संभावना है। इस दौरान हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं और इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। 14 और 15 अक्टूबर को कुछ जगहों पर ओले गिरने का भी अनुमान है। इससे खुले स्थानों पर रखे सामान, बिजली के तारों और पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाएं खड़ी फसलों को प्रभावित कर सकती हैं।

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा उत्तर भारत का मौसम, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में मौसम के बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव है। यह मौसमी प्रणाली उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय बताई गई है। इसके साथ ऊपरी वायुमंडल में द्रोणिका भी बनी हुई है, जिससे बारिश और गरज-चमक के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के करनाल में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो 12 अक्टूबर को मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान बताया गया। IMD ने सलाह दी है कि आंधी के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें, खुले मैदान में खड़े होने से बचें और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। खराब मौसम में गैर-जरूरी यात्रा टालना भी बेहतर रहेगा।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बुधवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि गुरुवार को कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 13 से 19 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है और 15 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण सड़क यातायात और स्थानीय जनजीवन प्रभावित हो सकता है। यात्रा की योजना बना रहे लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए।

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई दिन बरसेंगे बादल
उत्तर भारत के अलावा राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। IMD के अनुसार, राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में 13 से 15 अक्टूबर और पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। राजस्थान में 13 से 15 अक्टूबर के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में 13 से 15 अक्टूबर और पूर्वी जिलों में 15 व 16 अक्टूबर को बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 13 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि मध्य प्रदेश में सप्ताह के आखिरी दिनों में बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 18 अक्टूबर तक और बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में भी बारिश का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 और 14 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत
दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश तेज हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश में 14 से 17 अक्टूबर, रायलसीमा में 14 से 16 अक्टूबर और केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु में 15 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर और तटीय कर्नाटक में 17 तथा 18 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी आगे बढ़ने के साथ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले दो से तीन दिनों में उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसके अलावा दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। यह मौसमी प्रणाली आगे बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।

 

 

 

 

 

 

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