संसद का बजट सत्र चल रहा है। जिसमें सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार अपने प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक रहे अवैध अप्रवास से जुड़ा एक नया कानून पेश करने की तैयारी में जुटी है। हाल ही में केन्द्र सरकार ने प्राथमिकता वाले विधेयकों की एक सूची जारी की है। इस सूची जिसमें अप्रवास और विदेशी विधेयक-2025 भी शामिल है। आज जारी सूची में शामिल विधेयक उन 16 प्रमुख विधेयकों में से एक है, जिन्हें केन्द्र सरकार पारित कराना चाहती है। हालांकि अप्रवास और विदेशी विधेयक का विवरण अब तक सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि यह भारत में अप्रवासियों के प्रवेश को कंट्रोल करने पर केंद्रित है।
- अवैध अप्रवासियों पर लगाम लाएगी मोदी सरकार
- संसद के इसी बजट सत्र में पेश करेगी बिल
- अवैध घुसपैठ और अप्रवास पर कसेगा शिकंजा
- अप्रवास और विदेशी विधेयक 2025 होगा पेश
- अवैध अप्रवासियों पर मोदी सरकार लगेगी लगाम
- संसद के बजट सत्र में सरकार पेश करेगी बिल
सत्तारूढ़ भाजपा सरकार संसद के इस बजट सत्र में अपने प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक-अवैध अप्रवास पर केंद्रित एक नया कानून पेश करने वाली है। सरकार ने प्राथमिकता वाले विधेयकों की एक सूची जारी की है। इस सूची में अप्रवास और विदेशी विधेयक 2025 नामक एक नया कानून भी शामिल है।
अप्रवास और विदेशी विधेयक 2025 विधेयक उन 16 प्रमुख विधेयकों में से एक है जिन्हें केन्द्र सरकार बजट सत्र के दौरान पारित कराना चाहती है। इसमें वक्फ संशोधन विधेयक 2024 भी शामिल है। यह संशोधन विधेयक भारत में वक्फ संपत्तियों के विनियमन से संबंधित है।
हालांकि अप्रवास और विदेशी विधेयक का विस्तृत व्यौरा अभी तक न सामने आया है और न स्पष्ट हुआ है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह संशोधन विधेयक भारत में अप्रवासियों की घुसपैठ को नियंत्रित करने पर केंद्रित है। इस विषय पर मुख्य कानून बनाया जा सकता है, जो विदेशी अधिनियम 1946 के साथ भारत में पासपोर्ट प्रवेश अधिनियम 1920 और विदेशियों के रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1939 जैसे पुराने कानूनों का स्थान ले सकता है।
हालांकि भले ही इस विधेयक को चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया है लेकिन इसे तभी लिया जा सकेगा जब केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से इसे मंजूरी मिल जाएगी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने इस मसौदा कानून की समीक्षा या अनुमोदन अभी तक नहीं किया है।
भाजपा का मुख्य मुद्दा है बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ रोकना
बांग्लादेश और पाकिस्तान से अवैध अप्रवासियों के भारत में घुसपैठ को रोकना भाजपा के लिए एक प्रमुख चुनावी मुद्दा रहा है। खासकर पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे पूर्वी राज्यों में बीजेपी इसे लेकर अलर्ट है। जहां गैर बीजेपी सरकार सत्ता में हैं। पिछले साल 2025 में झारखंड से अवैध अप्रवासियों को हटाये जाने के अपने वादे के बाद भी भाजपा को झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले भारत ब्लॉक से झारखंड में चुनावी हार का सामना करना पड़ा था।
इस बार दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी मतदाता सूचियों से कथित तौर पर अवैध रोहिंग्या को हटाने के लिए भी दबाव बनाती रही। आम आदमी पार्टी की ओर से पहले चुनाव आयोग के समक्ष इन बदलावों पर सवाल खड़े किए थे। जिसने बाद में कहा गया कि कोई अनुचित बदलाव नहीं किया गया।