IIT कानपुर में CSE पाने के लिए कितनी रैंक चाहिए? JoSAA काउंसलिंग से पहले जानिए पूरा कटऑफ ट्रेंड

देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल IIT कानपुर में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) ब्रांच में प्रवेश पाना लाखों छात्रों का सपना होता है। JEE Advanced के परिणाम आने के बाद अब JoSAA काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि पिछले साल IIT कानपुर में CSE सीट हासिल करने के लिए किस रैंक तक प्रवेश मिला था। पिछले वर्ष के आंकड़े इस साल की काउंसलिंग के लिए छात्रों को बेहतर रणनीति बनाने में मदद कर सकते हैं।

कंप्यूटर साइंस ब्रांच में एडमिशन के लिए सबसे ज्यादा रहती है प्रतिस्पर्धा

IIT कानपुर की CSE शाखा देश की सबसे लोकप्रिय इंजीनियरिंग शाखाओं में गिनी जाती है। सीमित सीटों और बेहतरीन प्लेसमेंट रिकॉर्ड के कारण यहां प्रवेश के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। यही वजह है कि सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को भी शीर्ष रैंक हासिल करनी पड़ती है। अन्य आरक्षित वर्गों में भी कटऑफ काफी प्रतिस्पर्धी रहती है।

JoSAA 2025 के अनुसार कैटेगरी वाइज ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक

पिछले वर्ष के JoSAA काउंसलिंग आंकड़ों के मुताबिक IIT कानपुर में CSE के लिए निम्न रैंक पर प्रवेश मिला था:

कैटेगरी ओपनिंग रैंक क्लोजिंग रैंक
जनरल / ओपन 147 270
EWS 35 50
OBC-NCL 88 142
SC 48 70
ST 31 42

JoSAA 2025 के अनुसार कैटेगरी वाइज ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक

पिछले वर्ष के JoSAA काउंसलिंग आंकड़ों के मुताबिक IIT कानपुर में CSE के लिए निम्न रैंक पर प्रवेश मिला था:

कैटेगरी ओपनिंग रैंक क्लोजिंग रैंक
जनरल / ओपन 147 270
EWS 35 50
OBC-NCL 88 142
SC 48 70
ST 31 42

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जनरल वर्ग के छात्रों को CSE में प्रवेश के लिए लगभग टॉप-300 ऑल इंडिया रैंक के भीतर रहना जरूरी है, जबकि OBC और EWS वर्ग में भी प्रतिस्पर्धा काफी अधिक रही।

छात्राओं के लिए आरक्षित अतिरिक्त सीटों का अलग कटऑफ

IIT कानपुर में छात्राओं के लिए सुपरन्यूमेरेरी सीटों की व्यवस्था है। इन सीटों के लिए अलग रैंक सूची जारी की जाती है। पिछले वर्ष महिला अभ्यर्थियों के लिए CSE कटऑफ इस प्रकार रही:

कैटेगरी ओपनिंग रैंक क्लोजिंग रैंक
जनरल / ओपन 507 1109
EWS 148 192
OBC-NCL 561 661
SC 274 378
ST 93 122

इन आंकड़ों से छात्राओं को यह समझने में मदद मिलेगी कि महिला आरक्षण के तहत प्रवेश के अवसर अपेक्षाकृत अधिक रहते हैं।

काउंसलिंग में सीट चयन करते समय किन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र केवल पिछले साल की क्लोजिंग रैंक के आधार पर निर्णय न लें। हर साल सीटों की संख्या, परीक्षा की कठिनाई, उम्मीदवारों की संख्या और विकल्प भरने के पैटर्न के कारण कटऑफ में बदलाव संभव है। इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी रैंक के साथ सुरक्षित, मध्यम और ड्रीम विकल्पों का संतुलन बनाकर चॉइस फिलिंग करनी चाहिए।

पिछले साल का डेटा इस साल की रणनीति बनाने में करेगा मदद

JoSAA काउंसलिंग के दौरान सही विकल्प भरना उतना ही महत्वपूर्ण होता है जितना अच्छी रैंक हासिल करना। IIT कानपुर की CSE शाखा में प्रवेश चाहने वाले छात्रों के लिए पिछले वर्ष की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक एक महत्वपूर्ण संकेत देती है। हालांकि अंतिम कटऑफ इस वर्ष की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी, फिर भी यह डेटा छात्रों को अपने अवसरों का यथार्थवादी आकलन करने में मदद करेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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