मप्र की फिजा में घुली बर्फीली हवा, बढ़ी ठिठुरन… रिकॉर्ड तोड़ ठंड की चपेट में मध्यप्रदेश

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मप्र की फिजा में घुली बर्फीली हवा, बढ़ी ठिठुरन…

रिकॉर्ड तोड़ ठंड की चपेट में मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश इस समय कड़ाके की सर्दी की गिरफ्त में है। दिसंबर का महीना शुरू होते ही ठंड ने ऐसा रुख दिखाया है कि कई जिलों में पारा लगातार नीचे जा रहा है। प्रदेश की फिजा में बर्फीली हवाओं की तेजी से ठिठुरन और बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार दिसंबर भर कड़ाके की ठंड रहने वाली है, क्योंकि मौसम के दो बड़े कारक—पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम—लगातार सक्रिय हैं, जिससे तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल समय से पहले हुई बर्फबारी, साथ ही ला नीना की स्थिति और उत्तरी हवाओं की तीव्रता ने मिलकर मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ ठंड की स्थिति पैदा कर दी है। आमतौर पर दिसंबर के मध्य में तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिलती है, लेकिन इस बार पहली ही सप्ताह से तापमान तेजी से लुढ़कने लगा।

13 दिसंबर से आएगा नया मौसम सिस्टम, बढ़ेगी ठंड

हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ लगातार नए–नए मौसम सिस्टम तैयार कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 दिसंबर से एक नया सिस्टम बन रहा है, जिसकी वजह से प्रदेश में कम से कम अगले एक सप्ताह तक ठंडी और बर्फीली हवाएं लगातार बहेंगी। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और कई शहरों में पारा सामान्य से और नीचे जाने की संभावना है।

मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का विशेष अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में रात–दिन के तापमान में भारी अंतर बना हुआ है, जो बताता है कि हवा पूरी तरह सूखी और बेहद ठंडी है।

प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप

एक दिन पहले बुधवार को भोपाल में लगातार छठे दिन शीतलहर चली। सुबह और रात में तेज सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में दुबके रहने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान तो 10 डिग्री से नीचे ही बना रहा।दूसरी ओर, मलाजखंड में पारा 22.7 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि नरसिंहपुर, रीवा, सीधी, बैतूल और धार में तापमान 26 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। बीते 24 घंटों में ठंड ने पूरे प्रदेश में अपना असर दिखाया है—विशेषकर दक्षिणी और पूर्वी जिलों में पारा सबसे ज्यादा नीचे गया है।

इंदौर–भोपाल समेत कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे

मंगलवार और बुधवार की रात प्रदेश के कई बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।इंदौर में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री तक गिर गया, जो इस सीजन का सबसे न्यूनतम तापमान है।भोपाल में पारा 6.8 डिग्री दर्ज किया गया।ग्वालियर में 9.3 डिग्री,उज्जैन में 8.7 डिग्री,जबलपुर में 9.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि अभी ठंड एकदम चरम पर नहीं है। जैसे–जैसे दिसंबर आगे बढ़ेगा, तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। पहाड़ी इलाकों में बादलों का अभाव और साफ आसमान रात में तापमान को तेजी से गिरा रहे हैं।

कल्याणपुर रहा सबसे ठंडा, पारा पहुंचा 3 डिग्री

प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान शहडोल जिले का कल्याणपुर रहा, जहां सीजन में पहली बार तापमान 3 डिग्री तक पहुंच गया। यह शुरुआती दिसंबर में रिकॉर्ड स्तर की ठंड मानी जा रही है।

उमरिया ने 4.9 डिग्री,

पचमढ़ी और राजगढ़ में 5.2 डिग्री,

रीवा में 5.8 डिग्री,

मलाजखंड में 6.7 डिग्री,

मंडला और नौगांव में 7 डिग्री,

रायसेन में 7.4 डिग्री,

छिंदवाड़ा में 7.8 डिग्री

और शिवपुरी में 8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन आंकड़ों से साफ है कि मध्यप्रदेश इस समय उत्तर भारत की तरह ही गहरे सर्दी के दौर से गुजर रहा है।ला नीना और पश्चिमी विक्षोभ—दोनों मिलकर बढ़ा रहे ठंड का असर

मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण है कि इस साल ला नीना की स्थिति ठंड को और घनी बना रही है। ला नीना की वजह से उत्तरी पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ी है और वही ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आ रही हैं।

तीनों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में दिसंबर भर रिकॉर्ड ठंड देखने की संभावना है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि कुछ जिलों में तापमान 2–3 डिग्री तक भी गिर सकता है।

सर्दी से आम जनजीवन प्रभावित, सुबह–शाम सड़कें खाली

शहरों में सुबह और रात का समय इतना सर्द है कि सड़कों पर आमतौर पर नजर आने वाली भीड़ भी गायब हो रही है। चाय–नाश्ते की दुकानों पर हल्की–हल्की भाप वाली चाय के साथ लोग अलाव के पास तापते नजर आने लगे हैं।स्कूल जाने वाले बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान सुबह खेतों में काम करने से बच रहे हैं।कई जिलों में सुबह 8 बजे तक घना कोहरा छाया रहा।स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अ ग ले तीन दिनों में और गिरेगा तापमान

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले तीन दिनों में प्रदेश में तापमान में कमी और देखने को मिलेगी।शीतलहर के प्रकोप से राहत मिलने में अभी समय लगेगा, हालांकि दो–तीन दिन बाद दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश में फिलहाल सर्दी का मौसम चरम पर है और दिसंबर भर यह तीव्रता बनी रहने की संभावना है।

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