Friday, September 18, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य उत्तर प्रदेश

IAS के पिता का स्कूटर और ADO की बाइक जब्त…आरटीओ ने क्यों की कार्रवाई..जानें क्यों गरमाया मामला?

DigitalDesk by DigitalDesk
September 18, 2026
in उत्तर प्रदेश, मुख्य समाचार, लखनऊ
0
IAS officer father scooter and DIO bike seized Why did the RTO take action Find out why the issue has heated up
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

Related posts

Trump had counted India's aircraft during Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर में ट्रंप ने गिने थे भारत के विमान…अब ईरान में 52 अमेरिकी विमान तबाह…क्या अब गिनती करेंगे ट्रंप

September 18, 2026
midnight move Mamata responds to the EC three new names and symbols ready if the grass flower is lost

आधी रात का दांव… ममता ने EC को दिया जवाब, घासफूल छिना तो तीन नए नाम-चिह्न तैयार

September 18, 2026

बागपत में 30 साल पुराना स्कूटर भी नहीं बचा… NCR में ‘उम्र’ पूरी तो सड़क पर नो एंट्री

बागपत में पुराने वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई ने एक बार फिर NCR में ‘एंड ऑफ लाइफ व्हीकल’ यानी उम्र पूरी कर चुके वाहनों का मुद्दा सामने ला दिया है। चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि कार्रवाई की जद में पश्चिम बंगाल कैडर की IAS अधिकारी सना अख्तर के पिता का करीब 30 साल पुराना स्कूटर और एक ADO की करीब 15 साल पुरानी बाइक भी आ गई। लेकिन इस पूरे मामले को सिर्फ ‘IAS के पिता का स्कूटर जब्त’ होने की खबर के तौर पर देखना तस्वीर को छोटा कर देगा। असली कहानी NCR में पुराने वाहनों के खिलाफ चल रही उस नीति की है, जिसमें वाहन की उम्र पूरी होने के बाद उसे सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं है।

30 साल पुराना स्कूटर बना कार्रवाई का चेहरा

बागपत में परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। रिपोर्टों के मुताबिक कार्रवाई में IAS सना अख्तर के पिता तमीम अख्तर का करीब 30 साल पुराना स्कूटर भी जब्त किया गया। इसी अभियान में एक ADO से जुड़ी करीब 15 साल पुरानी बाइक भी कार्रवाई की जद में आई। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वाहन का मालिक कौन है, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण वाहन की उम्र और उसका NCR में परिचालन है। यही वजह है कि यह मामला प्रशासनिक कार्रवाई से आगे जाकर एक बड़े सवाल में बदल गया है—क्या NCR में अब पुराने वाहनों के मामले में किसी तरह की रियायत की गुंजाइश बची है? मौजूदा नियमों के मुताबिक NCR में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर रोक है। इस व्यवस्था की जड़ 2015 के NGT आदेश और बाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसे बरकरार रखे जाने में है।

122 वाहन सीज… लेकिन असली संख्या इससे कहीं बड़ी

बागपत में सामने आई कार्रवाई का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू आंकड़ा है। परिवहन विभाग के अभियान में 122 वाहनों को सीज कर स्क्रैप सेंटर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं एक अन्य रिपोर्ट में एक दिन में 43 वाहन जब्त किए जाने और अभियान के दौरान इससे अधिक वाहनों की कार्रवाई का भी उल्लेख है। यानी यह कोई एक-दो वाहनों की कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यापक प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है। CAQM की रिपोर्ट भी बताती है कि NCR में एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों की समस्या बड़ी है। आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश के NCR जिलों में लाखों पुराने वाहन पंजीकरण से बाहर किए जा चुके हैं और पुराने वाहनों को सड़क से हटाने के लिए कार्रवाई लगातार की जा रही है। 2024-25 में NCR के उत्तर प्रदेश हिस्से में 2,846 ओवरएज वाहनों को जब्त किए जाने का आंकड़ा भी दर्ज है। इसलिए बागपत का अभियान एक स्थानीय घटना जरूर है, लेकिन इसकी पृष्ठभूमि पूरे NCR में चल रही पुरानी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की नीति है।

सड़क पर नहीं, घर के बाहर खड़ी गाड़ी पर भी नजर क्यों?

यहीं से मामला सबसे दिलचस्प हो जाता है। पुराने वाहन के मालिकों में अक्सर यह धारणा रही है कि अगर गाड़ी सड़क पर नहीं चल रही और घर, दुकान या गली में खड़ी है तो कार्रवाई से बचा जा सकता है। बागपत की कार्रवाई ने इस धारणा पर सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार परिवहन विभाग अब ऐसे वाहनों को भी तलाश रहा है जो अवधि पूरी होने के बावजूद अलग-अलग जगहों पर खड़े हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के विरोध और घरों तथा गलियों से पुराने वाहनों को उठाए जाने की शिकायतों का भी उल्लेख है। वहीं ARTO विपिन कुमार ने कार्रवाई को पुराने वाहनों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से जोड़ा है। CAQM के दस्तावेज में भी स्पष्ट किया गया है कि NCR में ऐसे एंड-ऑफ-लाइफ वाहन, जो सड़क पर चलने के लिए वैध नहीं हैं, पाए जाने पर impounding यानी जब्ती समेत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यानी अब निगरानी का फोकस केवल ‘कौन-सी पुरानी गाड़ी सड़क पर दौड़ रही है’ तक सीमित नहीं रह सकता।

इसके पीछे सिर्फ कानून नहीं… प्रदूषण और सड़क सुरक्षा भी

पुराने वाहनों पर कार्रवाई का सबसे बड़ा आधार NCR की खराब वायु गुणवत्ता है। पुराने वाहनों से होने वाला उत्सर्जन वायु प्रदूषण में योगदान देता है। इसी वजह से NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को NCR में चलने से रोकने की व्यवस्था लागू हुई। CAQM लगातार राज्यों से ऐसे वाहनों को हटाने और स्क्रैप कराने की स्थिति की रिपोर्ट लेता रहा है।

दूसरा पहलू है सड़क सुरक्षा।

समय के साथ वाहन के महत्वपूर्ण हिस्सों—ब्रेक, टायर, सस्पेंशन, इंजन और दूसरे यांत्रिक घटकों—में खराबी का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि केवल वाहन की उम्र से किसी एक वाहन की वास्तविक तकनीकी स्थिति तय नहीं होती, लेकिन NCR की मौजूदा व्यवस्था में उम्र पूरी होना अपने आप में परिचालन पर कानूनी रोक का आधार है।


सबसे बड़ा सवाल: पुरानी गाड़ी वाले जाएं कहां?

यही वह बिंदु है जहां नियम और आम आदमी की परेशानी आमने-सामने आती है।

कई परिवारों के लिए पुरानी बाइक या स्कूटर कोई शौक नहीं, बल्कि रोजमर्रा के आवागमन का साधन होता है। दूसरी तरफ NCR में वायु प्रदूषण और पुराने वाहनों से जुड़ी समस्या को देखते हुए नियामक व्यवस्था ने उम्र की सीमा तय कर रखी है।

इसीलिए सरकार ने केवल कार्रवाई की व्यवस्था नहीं बनाई, बल्कि Vehicle Scrappage Policy और Registered Vehicle Scrapping Facility यानी RVSF का ढांचा भी विकसित किया है। CAQM के मुताबिक उत्तर प्रदेश में RVSF केंद्र स्थापित किए गए हैं और स्क्रैपिंग नीति का उद्देश्य पुराने और अनुपयुक्त वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है। नीति में पुराने वाहनों को हटाने के लिए आर्थिक हतोत्साहन के साथ नए वाहन के पंजीकरण और मोटर वाहन कर में कुछ प्रोत्साहन का ढांचा भी रखा गया है।

बागपत की कार्रवाई का बड़ा संदेश क्या है?

इस पूरे घटनाक्रम से तीन बड़े संदेश निकलते हैं।

पहला—NCR में वाहन की उम्र अब बेहद महत्वपूर्ण कानूनी कसौटी है। वाहन कितना पुराना है, यह सिर्फ फिटनेस का सवाल नहीं, बल्कि उसके परिचालन की वैधता से भी जुड़ा है।

दूसरा—कार्रवाई का दायरा बढ़ रहा है। सिर्फ सड़क पर चलते वाहन ही नहीं, बल्कि ऐसे वाहनों की पहचान और जब्ती पर भी जोर दिखाई दे रहा है जो अवधि पूरी कर चुके हैं।

तीसरा—नियम की पहुंच व्यक्ति से ऊपर रखे जाने का संदेश दिया जा रहा है। IAS अधिकारी के पिता का स्कूटर हो या किसी सरकारी अधिकारी से जुड़ी बाइक—बागपत की कार्रवाई कम से कम इस मामले में यह दिखाती है कि विभाग ने वाहन की उम्र को कार्रवाई का आधार बनाया।

हालांकि घर या दुकान के बाहर खड़े वाहन को जब्त करने की प्रक्रिया, नोटिस और स्थानीय स्तर पर अधिकारों को लेकर उठे सवाल अलग कानूनी विषय हैं और प्रत्येक मामले के तथ्य अलग हो सकते हैं। कुल मिलाकर बागपत की कहानी सिर्फ एक पुराने स्कूटर की नहीं है। यह उस बदलती व्यवस्था की कहानी है, जिसमें NCR में अब ‘पुरानी गाड़ी है, लेकिन चलती तो नहीं’ वाला तर्क भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे सकता। सड़क पर प्रदूषण कम करने की नीति अब गैराज, गली और घर के बाहर खड़े पुराने वाहनों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। और बागपत में IAS के पिता का 30 साल पुराना स्कूटर इसी बदलते नियम का सबसे चर्चित उदाहरण बन गया है।

Tags: # Baghpat RTO#IAS officer father scooter and DIO bike seized #RTO take action#IAS officer father scooter and DIO bike seized Why did the RTO take action Find out why the issue has heated up
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

मुख्य समाचार
clean chit for India or a reality check for Pakistan Why did Maryam Nawaz statement spark outrage in Khyber Pakhtunkhwa

4000 KM दूर से बालेश्वर पहुंचे 5 ओरंगुटान? जंगल में मिला ‘जंगल के इंसानों’ का झुंड, तस्करी का शक!

स्पेशल
Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

मुख्य समाचार

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version