भारत जोड़ो यात्रा के सौ कदम

राहुल की यात्रा के 100 किमी पूरे

राहुल की यात्रा के 100 किमी पूरे
राहुल गांधी और कांग्रेस इन दिनों साल 2024 में होने वाले आम चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसी के चलते भारत जोड़ो यात्रा पर राहुल और पूरी कांग्रेस निकली हुई है। तमिलनाडु के बाद अब केरल पहुंच गई है। पदयात्रा के छठवें और केरल में दूसरे दिन राहुल गांधी ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नफरत से चुनाव तो जीत सकते हैं लेकिन देश की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता। यात्रा को 100 किलोमीटर पूरे हो चुके हैं।

भारत जोड़ो यात्रा का सातवां दिन
राहुल गांधी ने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के सातवें दिन की शुरुआत तिरुवनंतपुरम के कन्यापुरम से की। इस पड़ाव पर लोगों की काफी भीड़ भी उमड़ी। इस पदयात्रा की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं। जिनमें राहुल गांधी र्पाअी नेताओं के अलावा आम लोगों के साथ भी चलते दिखाई दे रहे हैं। यात्रियों को सादगीपूर्ण तरीके से रहने के निर्देश दिए हैं। जिससे आमलोग जुड़ सकें। यात्रा 19 दिनों में राज्य के सात जिलों से होते हुएु एक अक्टूबर को कर्नाटक पहुंचने का लक्ष्य है। बता दें कि राहुल गांधी के साथ तीन तरह के यात्री पदयात्रा पर हैं। जिनमें करीब 120 भारत यात्री हैं, जो कन्याकुमारी से कश्मीर तक साढ़े तीन हजार किलोमीटर की पदयात्रा में साथ रहेंगे। साथ ही जिस राज्य से यात्रा गुजर रही है। उस प्रदेश के 100 प्रदेश यात्री साथ चलेंगे। ऐसे में केरल में प्रवेश करने के साथ तमिलनाडु के 100 प्रदेश यात्रियों की जगह केरल के प्रदेश यात्रियों ने ली है।

पूरी यात्रा के दौरान कंटेनर में विश्राम करेंगे राहुल  
भारत जोड़ों यात्रा पर निकले राहुल गांधी अगले 150 दिन तक कंटेनर में ही विश्राम करेंगे। ऐसे में कुछ कंटेनरों में स्लीपिंग बेड, शौचालय और एयरण्कंडीशनर फिट किये गए हैं। यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में तापमान और वातावरण में अंतर रहेगा ऐसे में स्थान परिवर्तन के साथ भीषण गर्मी और उमस के चलते यह सब इंतजाम किये गये हैं। यात्रा के लिए करीब 60 कंटेनर तैयार किए गए हैं। जिनमें रात्रि विश्राम के लिए कंटेनर को गांव के आकार में प्रतिदिन नई जगह पर खड़े किया है। इतना ही नहीं राहुल गांधी के साथ रहने वाले पूर्णकालिक यात्री एक साथ भोजन करते हैं। दरअसल राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा यात्रा को आम लोगों से जुड़ने का जरिया मान रहे हैं यही वजह है कि वे इस पूरी यात्रा को चकाचौंध से दूर एक सामान्य व्यक्ति की तरह पूरा करना चाहते हैं। हालांकि राहुल गांधी इसे महज एक यात्रा कह रहे हैं लेकिन राजनीति पंडितों की माने तो कांग्रेस 2024 की तैयारी जुटी हुई है।

राहुल की यात्रा में पॉकेट मार भी सक्रिय
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में जहां पार्टी कार्यकर्ता और आमजन जहां राहुल गांधी की एक झलक पाने के लिए जुट रहे तो वहीं भारी भीड़ को देख यात्रा के दौरान कुछ जेबकट भी सक्रिय हो गए हैं। यात्रा में कई लोगों की जेब काटने की घटना सामने आई है। पुलिस ने इसमें संलिप्तता को लेकर चार सदस्यीय एक गिरोह की पहचान की है। तिरुवनंतपुरम के करमाना थाने के एक अधिकारी का कहना है एक दिन पहले और सोमवार को जिन इलाकों से यात्रा गुजरी। वहां जेब कटने की कुछ घटनाएं सामने आईं हैं। ऐसे में पुलिस उन जगहों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जहां अपराध हुए थे। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज सेए चार सदस्यीय गिरोह की पहचान की गई है। ये लोग यात्रा का हिस्सा नहीं थे। पुलिस अधिकारी इसे सामान्य बताते हुए कहा रहे हैं कि इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं तो जेबकतरों का आना तय है। फिर भी स्थिति पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में अधिकारियों को तैनात किया गया है।

चुनाव जीतने में करते हैं वो नफरत का इस्तेमाल-राहुल 
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस का नाम लिये बगैर कहा नफरत और हिंसा से चुनाव जीत सकते हैं लेकिन इससे देश की सामाजिक आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा भाजपा ने साबित कर दिया है कि नफरत का इस्तेमाल इलेक्शन जीतने के लिए किया जा सकता है। रोजगार नहीं दिया जा सकता। साथ ही कहा कि भारत का सपना टूटा हैं बिखरा नहीं है। उस सपने को साकार करने के लिए हम भारत को एक साथ ला रहे हैं। राहुल गांधी ने मीडिया को लेकर कहा कि वे समझते हैं कि सच क्या है। लेकिन सच कहने से ये लोग डर रहे हैं। यही वजह है कि भारत जोड़ो यात्रा निकाली। इससे लोगों को सुनेंगे उस बातचीत से भारत के लिए एक दृष्टि विकसित होगी। राहुल गांधी ने केरल में कझाकूट्टम में जनसभा को संबोधित किया। राहुल ने कहा यह सभी को यह समझना है कि लोगों के पास समझ है। वे नासमझ नहीं हें। लोग हर मुद्दे को लेकर एक अलग सोच रखते हैं। ऐसे में आम आदमी की भी बात सुनी जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि यात्रा आगे बढ़ रही है हमसे लोग जुड़ने लगे हैं। लोगों की आंखों में उम्मीद नजर आ रही है। लोग हमें कुछ बताना चाहते हैं। ऐसे में हम भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुनने की कोशिश में हैं।

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