भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव मुश्किल में फंस गए हैं। एशिया कप में पाकिस्तान पर 14 सितंबर को मिली जीत के बाद दिए गए बयान को लेकर आईसीसी ने उन पर सुनवाई की। यह सुनवाई मैच रेफरी रिची रिचर्डसन की मौजूदगी में हुई। इस दौरान बीसीसीआई के सीओओ हेमंग अमीन और क्रिकेट संचालन प्रबंधक सुमित मल्लापुरकर भी सूर्या के साथ रहे। सुनवाई के बाद उन्हें आधिकारिक चेतावनी दी गई है। हालांकि, उन पर जुर्माना या डिमेरिट अंक भी लगाया जा सकता है। मामला तब शुरू हुआ जब सूर्या ने पाकिस्तान के खिलाफ जीत को भारतीय सशस्त्र बलों और पहलगाम हमले के पीड़ितों को समर्पित किया था। इस बयान को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया और आईसीसी से शिकायत की। पीसीबी ने इस मामले में दो रिपोर्ट भेजीं, जिसके बाद आईसीसी ने मैच रेफरी रिचर्डसन को जांच सौंपी। रिचर्डसन ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि सूर्यकुमार का बयान खेल की छवि को प्रभावित करता है और इससे उन पर आरोप बनता है। हालांकि, उन्हें केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि मामला और आगे बढ़ सकता था, लेकिन आधिकारिक चेतावनी के साथ इसे फिलहाल खत्म कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने साफ किया है कि सूर्या का इरादा राजनीतिक नहीं था, बल्कि उन्होंने जीत को शहीदों और सुरक्षाबलों को सम्मान स्वरूप समर्पित किया था।


