Stock Market Today: अमेरिकी संकट टलते ही उछला भारतीय बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाई जोरदार छलांग

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार, 12 नवंबर को शानदार शुरुआत की। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन निवेशकों के चेहरे खिले नजर आए जब सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत तेजी के साथ ओपनिंग की। वैश्विक बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेत और अमेरिका से आई राहत भरी खबर ने घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन टलने की रिपोर्ट्स के बाद एशियाई बाजारों में भी जोश देखने को मिला, जिसका सीधा असर भारतीय स्टॉक मार्केट पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 367 अंक चढ़कर 84,238.86 और निफ्टी 139 अंक की तेजी के साथ 25,834.30 के स्तर पर पहुंच गया।

अमेरिकी राहत से बढ़ा निवेशकों का विश्वास
अमेरिका में अब तक के सबसे लंबे शटडाउन के खत्म होने की उम्मीदों ने वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना दिया। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी साफ देखा गया, जहां शुरुआती घंटों में आईटी, ऑटो और फार्मा सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी और डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी को मजबूती दी है।

मंगलवार को भी दिखी थी मजबूती
11 नवंबर के कारोबारी दिन भी भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुझान बना रहा था। उस दिन सेंसेक्स 335 अंक चढ़कर 83,871.32 और निफ्टी 120 अंक की बढ़त के साथ 25,694.95 पर बंद हुआ था। लगातार दो सत्रों में यह तेजी दिखाती है कि निवेशकों का मूड फिलहाल बुलिश है।

टॉप गेनर और लूजर स्टॉक्स की स्थिति
बीएसई बास्केट में महिंद्रा एंड महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, इटरनल और सन फार्मा जैसे शेयर टॉप गेनर रहे। वहीं, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, कोटक बैंक, पावरग्रिड और टाटा स्टील जैसे स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई। एनएसई के प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी और निफ्टी मिडकैप सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

आगे की रणनीति: निवेशकों के लिए संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका में सरकारी शटडाउन से जुड़ी खबरें पॉजिटिव रहती हैं, तो भारतीय बाजार में यह तेजी और आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को मुनाफावसूली के दौर में सावधानी बरतनी चाहिए और लॉन्ग टर्म नजरिए से निवेश करना अधिक लाभदायक रहेगा।

नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

 

 

 

 

 

 

Exit mobile version