बिहार चुनाव से पहले नया मोड़ आ गया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एलान किया है कि उनकी ओर से 225 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतारे जाएंगे। इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी Jitan Ram Manjhi ने स्वामी के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें कठोर शब्दों में निशाना साधा
मांझी ने जताई नाराजगी, दी तीखी प्रतिक्रिया
बोधगया में मीडिया से बात करते हुए जीतन राम मांझी ने शंकराचार्य पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद “गंदा आदमी” हैं और उनके टाइटल को हटा दिया जाना चाहिए। मांझी ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं, वो करते हैं और पूरा देश उनके काम को देख रहा है। ऐसे में शंकराचार्य का इस तरह का बयान ठीक नहीं है।
संविधान का हवाला देते हुए मांझी ने दिया जवाब
मांझी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान हर नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार देता है। इसलिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद चाहें तो न सिर्फ 225, बल्कि सभी 242 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं। उन्हें किसी के रोके जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन इस तरह की बयानबाजी से राजनीतिक माहौल बिगड़ सकता है।
गौमाता की रक्षा को मुद्दा बनाएंगे शंकराचार्य
पटना में शंकराचार्य ने साफ किया था कि उनका मकसद गौमाता की रक्षा को चुनावी एजेंडा बनाना है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सीटों पर गौसेवा और धार्मिक मूल्यों को समर्पित उम्मीदवार उतारे जाएंगे। उनका दावा है कि जनता अब ऐसे नेतृत्व की तलाश कर रही है, जो सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित कर सके।