पहलगाम हमले में बेटे को खोने वाले परिवार का गुस्सा, भारत-पाक मैच को बताया शहीदों का अपमान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने कई परिवारों को गहरे जख्म दिए थे। इसी हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी की जान गई थी। परिजन आज भी उस दर्द से उबर नहीं पाए हैं। अब एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले की घोषणा के बाद परिवार का गुस्सा और बढ़ गया है। शुभम की पत्नी और पिता ने इस मैच को शहीदों का अपमान बताया है और कहा कि जिस देश के आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारे बेटे को गोली मारी, उनके साथ खेलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

परिवार का आक्रोश
शुभम द्विवेदी के पिता संजय द्विवेदी ने साफ कहा कि पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना उन परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है जिन्होंने अपने प्रियजन खोए। उनका कहना है कि सरकार ने पहले आतंक प्रभावित देश से संबंध तोड़ने की बात कही थी, लेकिन अब मैच के बहाने ये फैसले बदलते दिख रहे हैं। शुभम की पत्नी का कहना है कि बीसीसीआई ने कुछ ही महीनों में सब भूलकर ऐसा कदम उठाया है, जबकि पाकिस्तान इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने में करेगा।

दर्दनाक घटना की यादें
22 अप्रैल को पहलगाम की बैसारन घाटी में दो आतंकवादी सेना की वर्दी पहनकर पहुंचे थे। उन्होंने वहां मौजूद पर्यटकों से धर्म पूछा और अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में 26 लोगों की जान गई और दर्जनों घायल हुए। लश्कर-ए-तैयबा के विंग TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। शुभम उस समय अपनी पत्नी के साथ घुड़सवारी कर रहे थे और नाम पूछकर उन्हें निशाना बनाया गया।

भारत-पाक मैच बहिष्कार की अपील
शुभम के चाचा और अन्य परिजनों ने लोगों से भारत-पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करने की अपील की है। उनका कहना है कि यह केवल क्रिकेट नहीं बल्कि शहीदों की कुर्बानी से खिलवाड़ है। परिवार का साफ कहना है कि देश को आतंकवाद से लड़ाई में एकजुट रहना होगा और ऐसे मैचों से बचना चाहिए।

 

 

 

 

 

 

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