AIMIM प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के ट्रंप टैरिफ को लेकर तीखा हमला बोला है। औवेसी ने सवाल उठाया कि आखिर पीएम मोदी 50% टैरिफ पर चुप क्यों हैं और किस बात से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह टैक्स भारत के व्यापार और निर्यातकों पर सीधा प्रहार है, जिससे देश के कई सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
रेडीमेड और ज्वैलरी सेक्टर पर बड़ा असर
औवेसी ने कहा कि ट्रंप टैरिफ से भारत के रेडीमेड गारमेंट्स, मोटर पार्ट्स, जेम्स और ज्वैलरी सेक्टर को गहरा झटका लगा है। उन्होंने दावा किया कि 50% टैक्स से इन उद्योगों में काम करने वाले लाखों लोगों की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है।
हीरा और टेक्सटाइल उद्योग संकट में
अमेरिका के 50% टैरिफ का सीधा असर हीरा उद्योग और टेक्सटाइल उद्योग पर देखने को मिल रहा है। औवेसी का कहना है कि इन क्षेत्रों से जुड़ा बड़ा निर्यात अमेरिका को होता है, लेकिन टैक्स बढ़ने से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाएगी।
मोदी-ट्रंप मीटिंग के बाद उठा विवाद
औवेसी ने कहा कि यह मसला पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की फरवरी में हुई मुलाकात के बाद सामने आया। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि क्या उन्होंने भारत के निर्यातकों की सुरक्षा और हितों पर ध्यान दिया? औवेसी का आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर चुप रहकर व्यापारियों को मुश्किल में डाल रही है।
भारत नए बाजार की तलाश में
हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत किसी भी तरह के अमेरिकी दबाव में झुकेगा नहीं। सरकार अब अपने उत्पादों के लिए नए बाजार खोज रही है ताकि अमेरिकी टैरिफ के असर को कम किया जा सके। सरकार का कहना है कि व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।




