नई AI सब्सिडियरी का ऐलान
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने वार्षिक आम बैठक (AGM) 2025 में भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए नई कंपनी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ लॉन्च करने की घोषणा की। यह कंपनी पूरी तरह रिलायंस की स्वामित्व वाली होगी और इसका मुख्य उद्देश्य भारत को AI टेक्नोलॉजी के वैश्विक नेतृत्व में स्थापित करना है। मुकेश अंबानी ने कहा कि AI पहले से ही रिलायंस के डीप-टेक बिजनेस का हिस्सा बन चुका है और नई कंपनी इस दिशा में गति और फोकस बढ़ाएगी।
AI-रेडी डेटा सेंटर और हरित ऊर्जा
रिलायंस इंटेलिजेंस बड़े पैमाने पर गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर विकसित करेगी, जो पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होंगे। इन सेंटरों का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर AI ट्रेनिंग और इनफरेंस को सक्षम करना है। गुजरात के जामनगर में इन सेंटरों का निर्माण पहले ही शुरू हो चुका है। इन AI-रेडी डेटा सेंटरों से देश के शोधकर्ताओं, इंजीनियर्स और डेवलपर्स को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे AI सिस्टम्स का विकास और परीक्षण तेज़ी से किया जा सकेगा।
वैश्विक साझेदारी और भरोसेमंद AI सिस्टम्स
रिलायंस इंटेलिजेंस विश्व की प्रमुख टेक कंपनियों और ओपन-सोर्स कम्युनिटीज़ के साथ साझेदारी करेगी। इसका मकसद AI सिस्टम्स की विश्वसनीयता बढ़ाना, भारत के तकनीकी मानकों को लागू करना और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करना है। इस पहल के माध्यम से छोटे व्यवसाय, बड़े उद्योग और आम जनता AI-सक्रिय सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। इसके अलावा, शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य जैसे राष्ट्रीय महत्व वाले क्षेत्रों में AI आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे।
टैलेंट, इनोवेशन और नए उत्पाद
नई कंपनी शोधकर्ताओं, इंजीनियर्स, डिजाइनर्स और प्रोडक्ट बिल्डर्स के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जहां वे मिलकर काम कर सकेंगे। इसका उद्देश्य विचारों को नवाचार और नए उत्पादों में बदलना है। भारत और वैश्विक स्तर पर उपयोगी AI समाधान तैयार होंगे, जो विभिन्न उद्योगों और सामाजिक क्षेत्रों के लिए लाभकारी होंगे। इसके अलावा, युवा टैलेंट को ट्रेनिंग और रिसर्च के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे देश में AI टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार हों।
AI सेवाओं का आम जनता और उद्योग के लिए उपयोग
रिलायंस इंटेलिजेंस का लक्ष्य AI तकनीक को सरल और भरोसेमंद बनाना है। छोटे व्यवसाय, स्टार्टअप्स और बड़े कॉर्पोरेट इस प्लेटफॉर्म से अपनी जरूरत के अनुसार AI आधारित टूल्स और समाधान ले पाएंगे। कंपनी के AI समाधान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में भी योगदान देंगे। AI आधारित इन सेवाओं से प्रक्रिया तेज़, डेटा अधिक विश्वसनीय और निर्णय अधिक स्मार्ट होंगे।
भविष्य की दिशा और भारत का AI हब बनने का सपना
मुकेश अंबानी का मानना है कि भारत को वैश्विक AI टेक्नोलॉजी में नेतृत्व का केंद्र बनाना अब संभव है। रिलायंस इंटेलिजेंस इस दिशा में पहला कदम है। कंपनी न केवल उत्पाद और तकनीक पर ध्यान देगी, बल्कि देश के डिजिटल इकोसिस्टम को भी मजबूत बनाएगी। इस पहल से भारत में AI तकनीक में निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश के युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।
AI और तकनीकी भविष्य की रणनीति
रिलायंस इंटेलिजेंस नए AI मॉडल, स्मार्ट डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म विकसित करेगी। यह टेक्नोलॉजी शिक्षा, ऊर्जा, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और कृषि जैसे सेक्टर में क्रांति लाएगी। कंपनी का उद्देश्य AI रिसर्च को ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धी बनाना और भारत को विश्व स्तर पर AI हब में बदलना है।





