भारत की टेस्ट टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट में धमाकेदार वापसी की है। दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की तरफ से खेलते हुए शमी ने बल्लेबाजी में शतक जमाया, लेकिन गेंदबाजी में अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखा पाए। उनकी यह वापसी क्रिकेट प्रेमियों के लिए सरप्राइज रही, क्योंकि लंबे समय से चोट और टीम चयन की वजह से शमी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे।
शमी का शतक, लेकिन रन लुटाते रहे
शमी ने नॉर्थ जोन के खिलाफ मैच में 23 ओवर की गेंदबाजी की और केवल एक विकेट ही हासिल किया। इसके बावजूद उन्होंने बल्लेबाजी में 100 रन की पारी खेली, जो उनके करियर में अनोखा रिकॉर्ड माना जा रहा है। नॉर्थ जोन ने कुल मिलाकर 405 रनों का विशाल स्कोर बनाया, जिसमें शमी की बल्लेबाजी का योगदान काफी अहम रहा।
टेस्ट टीम से लंबे समय से बाहर
शमी लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर हैं। चोटों और चयन न होने की वजह से वह ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दौरे पर टीम में जगह नहीं बना पाए। उन्होंने पिछला लाल गेंद से मैच रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेला था, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका आखिरी मैच आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप-2023 का फाइनल रहा था।
रिटायरमेंट की अफवाहों को किया खारिज
हाल ही में शमी के रिटायरमेंट की अफवाहें उड़ीं, जिसे उन्होंने खुद खारिज किया। शमी ने कहा कि वह खेलना जारी रखेंगे, चाहे उन्हें अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह मिले या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिटायरमेंट तब आता है जब खिलाड़ी बोर हो जाए, और उनके साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है।





