डिमोशन, जादू-टोना और चोरी का आरोप… कौन हैं पुलिस मुख्यालय की इंस्पेक्टर कल्पना रघुवंशी?

भोपाल, 30 अक्टूबर 2025 — मध्य प्रदेश पुलिस विभाग एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ इंस्पेक्टर कल्पना रघुवंशी पर अपनी ही सहेली के घर से नकदी और मोबाइल चोरी करने का आरोप लगा है। घटना सामने आने के बाद से ही कल्पना फरार हैं और विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हाल ही में सिवनी में महिला डीएसपी के डकैती प्रकरण के बाद अब यह दूसरा मामला है जिसने पूरे पुलिस महकमे की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कल्पना रघुवंशी का करियर जितना तेज़ रहा, उतना ही विवादों से भरा भी। एक समय उन्हें डीएसपी के प्रभार तक का जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के चलते उनका पद घटाकर दोबारा इंस्पेक्टर कर दिया गया। उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज रही हैं, जिनमें लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहने से लेकर निजी जीवन में अजीबोगरीब गतिविधियों तक की बातें शामिल हैं।

एसआई से डीएसपी और फिर इंस्पेक्टर तक का सफर
कल्पना रघुवंशी ने अपने करियर की शुरुआत सब इंस्पेक्टर के रूप में की थी। उनका चयन सीधे पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच के लिए हुआ था। वर्षों की सेवा के बाद उन्हें प्रमोशन मिला और डीएसपी का प्रभार सौंपा गया। लेकिन कुछ समय बाद ही वे कई दिनों तक बिना सूचना के गायब रहीं। इस लापरवाही के चलते विभाग ने उनसे डीएसपी पद का प्रभार वापस लेकर उन्हें फिर से इंस्पेक्टर बना दिया।
सूत्रों के मुताबिक, कल्पना का कार्यकाल शुरू से ही विवादों में रहा है और उनके कई निर्णयों को लेकर वरिष्ठ अधिकारी असंतुष्ट रहे हैं।

परिवारिक हालात और निजी जीवन
कल्पना रघुवंशी के पिता का निधन उनके बचपन में ही हो गया था। मां ने बड़ी मुश्किलों से पांच बेटियों का पालन-पोषण किया। पुलिस सेवा में आने के बाद भी कल्पना ने विवाह नहीं किया और अकेले ही रहती रहीं। सहयोगियों के अनुसार, उनका सामाजिक मेलजोल बहुत सीमित था।
कुछ अधिकारियों का कहना है कि कल्पना लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं और अक्सर अपने घर में बाबाओं और तांत्रिकों को बुलाकर पूजा-पाठ व टोने-टोटके करवाती थीं। एक बार तो उनके बुलाए बाबा ने सरकारी क्वार्टर परिसर में ही झोपड़ी डाल दी थी, जिसे अधिकारियों को हस्तक्षेप कर हटवाना पड़ा था।

सहेली के घर चोरी और फरारी
भोपाल के पॉश इलाके में उनकी एक करीबी सहेली प्रमिता तिवारी के घर में चोरी की घटना हुई। प्रमिता के मुताबिक, घर से दो लाख रुपये नकद और एक मोबाइल गायब हुआ था। जांच में पुलिस को शक हुआ तो पता चला कि उस दिन कल्पना वहां मौजूद थीं। मोबाइल तो बरामद हो गया, लेकिन नकदी अब तक नहीं मिली है। घटना के बाद से ही कल्पना रघुवंशी फरार हैं और पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी है।

मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
कल्पना को नजदीक से जानने वाले लोग बताते हैं कि पिछले कुछ समय से उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। कई बार वे विभागीय मीटिंग्स में अजीब व्यवहार करती थीं और सहकर्मियों से उलझ पड़ती थीं। पुलिस मुख्यालय के अंदर अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या विभाग ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समय रहते कदम उठाए होते, तो शायद यह स्थिति टल सकती थी।

 

 

 

 

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