15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश में देशभक्ति की भावना जबरदस्त रूप से उमड़ती है। यह भावना केवल जन-जन के दिलों में ही नहीं, बल्कि सिनेमा जगत में भी गूंजती है। बॉलीवुड ने हमेशा से ही देशभक्ति की कहानियों को अपने प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता दी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय सिनेमा की पहली देशभक्ति फिल्म कब बनी और किसने इसे बनाया?
जन्मभूमि है भारतीय सिनेमा की पहली देशभक्ति फिल्म
1936 में रिलीज हुई फिल्म ‘जन्मभूमि’ (Janmabhoomi) को हिंदी सिनेमा की पहली देशभक्ति फिल्म माना जाता है। यह फिल्म आजादी से लगभग एक दशक पहले बनी थी, जब देश में स्वतंत्रता संग्राम अपने चरम पर था। इस फिल्म ने देशभक्ति और सामाजिक समानता के विचारों को उजागर किया और दर्शकों के दिलों में गहरा प्रभाव छोड़ा।
‘जन्मभूमि’ की कहानी और कलाकारों का परिचय
‘जन्मभूमि’ की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है, जो जाति और अन्य सामाजिक बंधनों को तोड़कर लोगों को समानता और एकता का संदेश देता है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक इंसान अपने विचारों के जरिए समाज की रूढ़ियों को बदलने की कोशिश करता है। इस फिल्म में प्रमुख भूमिका में थे अभिनेता अशोक कुमार, जिन्होंने ‘अशोक कुमार घोष’ या ‘रामचंद्र’ की भूमिका निभाई। इनके अलावा देविका रानी, सुनीता देवी, और चंद्र प्रकाश जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण किरदार निभाए। देविका रानी ने ‘प्रोतिमा’ का किरदार निभाया, जो फिल्म की लीड एक्ट्रेस थी। ‘जन्मभूमि’ की सबसे बड़ी खासियत इसके देशभक्ति गीत थे, जो उस दौर में भारतीय जनता को जागरूक करने और प्रेरित करने का काम करते थे। फिल्म की सफलता और प्रभाव इस बात का प्रमाण है कि उसने देशवासियों के दिलों को छू लिया था और स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती देने में भूमिका निभाई।
अशोक कुमार की भूमिका और देशभक्ति में योगदान
अशोक कुमार भारतीय सिनेमा के उन पहले सितारों में से थे, जिन्होंने फिल्म जगत में अलग पहचान बनाई। ‘जन्मभूमि’ में उन्होंने न केवल अभिनय से बल्कि अपने देशभक्ति संदेश से भी दर्शकों के दिलों में अपनी छाप छोड़ी। अशोक कुमार की यह भूमिका उन संघर्षशील युवाओं का प्रतिनिधित्व करती थी, जो जातिगत भेदभाव को तोड़कर देश की एकता और अखंडता के लिए काम कर रहे थे। उस वक्त भारत में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों का दौर था, और ‘जन्मभूमि’ ने इसी माहौल को फिल्म की कहानी के जरिये जीवंत किया। उनके अभिनय और फिल्म के देशभक्ति संदेश ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान आम जनता को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होने की प्रेरणा दी।
विदेशी डारेक्टर फ्रांज ऑस्टन की भूमिका
भारत में बनी देशभक्ति की पहली फिल्म ‘जन्मभूमि’ को foreign director Franz Osten विदेशी जर्मन फिल्ममेकर फ्रांज ऑस्टन ने डारेक्शन दिया था। आजाद भारत में यह भी एक अपने तरह की अनोखी बात थी कि भारतीय सिनेमा में देशभक्ति से ओतप्रोत पहली फिल्म का निर्देशन एक विदेशी फिल्म डारेक्टर ने किया था।
प्रकाश कुमार पांडेय