IPS वाई पूरन सुसाइड केस में बड़ा कदम: राहुल गांधी की हरियाणा यात्रा से पहले DGP शत्रुजीत कपूर छुट्टी पर, पीएम मोदी का सोनीपत दौरा भी रद्द
हरियाणा में बढ़ा सियासी तापमान, IPS वाई पूरन सुसाइड केस ने मचाई हलचल
हरियाणा के बहुचर्चित आईपीएस वाई पूरन आत्महत्या मामले में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। सरकार ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया है, जबकि रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजरानिया का पहले ही तबादला किया जा चुका है। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में नई हलचल मच गई है। मंगलवार को कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के चंडीगढ़ पहुंचने से पहले ये प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। दोनों नेता आज आईपीएस वाई पूरन के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
रातों-रात DGP छुट्टी पर, बढ़ा सियासी दबाव
सोमवार की देर रात हरियाणा सरकार ने अचानक डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, वाई पूरन केस के बाद राज्य सरकार पर विपक्ष और सामाजिक संगठनों का दबाव लगातार बढ़ रहा था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर डीजीपी को हटाने की मांग तेज़ हो गई थी। ऐसे में राहुल गांधी और चिराग पासवान की मुलाकात से पहले सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए डीजीपी को अस्थायी अवकाश पर भेज दिया।
प्रधानमंत्री मोदी का सोनीपत दौरा रद्द, ‘जन विश्वास रैली’ स्थगित
जानकारी के अनुसार, हरियाणा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर 15 अक्टूबर को सोनीपत में ‘जन विश्वास–जन विकास’ रैली आयोजित होने वाली थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शामिल होना था। पीएम मोदी को इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ भी करना था। लेकिन आईपीएस वाई पूरन सुसाइड केस से बढ़ते तनाव को देखते हुए कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। हालांकि आधिकारिक रूप से कारण नहीं बताया गया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक था।
दलित संगठनों की चेतावनी – 48 घंटे में कार्रवाई की मांग
आईपीएस वाई पूरन की मौत को लेकर दलित संगठनों में भारी रोष है। बीते रविवार को कई दलित संगठनों ने एक महापंचायत आयोजित कर सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। संगठनों ने साफ कहा था कि अगर मंगलवार तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह 48 घंटे की समयसीमा अब पूरी हो चुकी है, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।
सियासी समीकरणों में बदलाव की आहट
वाई पूरन केस ने हरियाणा की राजनीति को हिला दिया है। डीजीपी की छुट्टी और पीएम के दौरे की रद्दी से साफ है कि सरकार अब बैकफुट पर है। राहुल गांधी की आज की चंडीगढ़ यात्रा और विपक्ष के आक्रामक रुख के चलते आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। नायब सिंह सैनी सरकार के लिए यह प्रकरण राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में सामाजिक संतुलन और विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।





