भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार के कारोबारी सत्र में धीमी शुरुआत की, लेकिन बैंकिंग सेक्टर ने निवेशकों को हरा संकेत देते हुए शुरुआती मजबूती दिखाई। सुबह 9:33 बजे सेंसेक्स 131 अंक या 0.16% की बढ़त के साथ 80,496 पर था, जबकि निफ्टी 42 अंक या 0.17% बढ़कर 24,677 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती समय में ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में नजर आए, जिससे निवेशकों में थोड़ी उम्मीद जगी।
बैंकिंग शेयरों का दबदबा
बाजार के शुरुआती सत्र में निफ्टी बैंक 180 अंक या 0.33% की तेजी के साथ 54,641 पर था। बैंकिंग शेयरों ने लार्ज कैप और मिडकैप सेक्टर को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, मेटल, एनर्जी और प्राइवेट बैंक भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। वहीं, एफएमसीजी, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर लाल निशान में थे।
मिड और स्मॉलकैप में भी बढ़त
लार्ज कैप के साथ मिड कैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी सकारात्मक रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 57 अंक की मामूली बढ़त के साथ 56,591 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स 24 अंक या 0.14% की तेजी के साथ 17,572 पर कारोबार कर रहा था। निवेशकों ने इन सेक्टर्स में भी खरीदारी दिखाई, जिससे बाजार में संतुलित तेजी देखने को मिली।
शीर्ष लाभ और हानि दर्ज
सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, ज़ोमैटो, अदाणी पोर्ट्स, टाइटन, बीईएल, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल, इंफोसिस और टेक महिंद्रा शीर्ष लाभार्थी रहे। वहीं, एलएंडटी, आईटीसी, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, ट्रेंट और एनटीपीसी शीर्ष हानिकारक स्टॉक्स रहे।
बिकवाली का दबाव और निवेश रणनीति
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजय कुमार का कहना है कि बाजार की संरचना अभी कमजोर दिख रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली और सकारात्मक संकेतों की कमी से किसी भी मजबूत सुधार को रोकने में मदद मिल रही है। इसी दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,845 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि एफआईआई ने 2,830 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे।





