हरियाणा के नारनौंद में किसान ईश्वर सिंघवा की मुर्राह नस्ल की भैंस राधा ने विश्व स्तर पर दूध देने का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। भैंस ने 35 किलो 669 ग्राम दूध देकर पहले के रिकॉर्ड 33 किलो 800 ग्राम को पीछे छोड़ दिया। इससे न केवल ईश्वर सिंघवा का नाम रोशन हुआ बल्कि प्रदेश की पहचान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई। किसान ने ऑनलाइन आवेदन कर रिकॉर्ड दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके बाद पशुपालन विभाग के अधिकारियों की निगरानी में राधा का दूध मापा गया।
हरियाणा, जिसे देश में दूध और डेयरी उत्पादों के लिए जाना जाता है, ने एक बार फिर अपनी कृषि और पशुपालन क्षमता साबित की है। राधा ने इस उपलब्धि के जरिए यह दिखाया कि आधुनिक देखभाल और पोषण के साथ पशुपालन में भी बड़ा आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है।
राधा का रिकॉर्ड पिछले साल कैथल जिले की भैंस रेशमा के 33 किलो 800 ग्राम के आंकड़े को पार कर गया। ईश्वर सिंघवा ने बताया कि रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के लिए चार बार दूध निकाला गया और पशुपालन विभाग तथा गांव के सरपंच की उपस्थिति में यह कार्य संपन्न हुआ। इस उपलब्धि के लिए ईश्वर सिंघवा को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
राधा की खास देखभाल
ईश्वर सिंघवा ने बताया कि राधा को पिछले साल फतेहाबाद के कन्हेड़ी गांव से चार लाख एक हजार रुपये में खरीदा गया था। भैंस के लिए विशेष साफ गद्दे बिछाए जाते हैं। दिन में तीन बार स्नान, माह में एक बार कटिंग और रोज सरसों के तेल से मालिश की जाती है। गर्मियों में राधा को कूलर के नीचे रखा जाता है ताकि उसका तापमान नियंत्रित रहे।
पोषण और आहार
राधा को रोजाना 8 किलो चने, 4 किलो बिनोला, 2 किलो गेहूं का दलिया और 2 किलो गुड़ की विशेष फीड दी जाती है। इस विशेष देखभाल और संतुलित आहार के कारण राधा उच्च उत्पादन देने में सक्षम हुई। बिहार एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. इंद्रजीत सिंह और पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह ने भी राधा का नामकरण और रिकॉर्ड की पुष्टि की।