भारत में सोने की कीमतों में लगातार हो रही बढ़त आखिरकार थम गई है। 13 नवंबर 2025 को देशभर के बाजारों में गोल्ड रेट में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी ने एक बार फिर तेज रफ्तार पकड़ी है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और भोपाल समेत प्रमुख शहरों में सोना थोड़ी नरमी के साथ बिक रहा है, लेकिन चांदी अब भी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
सोने की कीमतों में हल्की गिरावट
गुरुवार को सोने की दरों में मामूली कमी देखने को मिली। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव घटकर ₹1,25,650 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,15,190 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी यही रुझान रहा, जहां 24 कैरेट गोल्ड ₹1,25,500 और 22 कैरेट ₹1,15,040 प्रति 10 ग्राम पर रहा।
हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन इससे साफ है कि बाजार में अब स्थिरता का दौर लौटने लगा है।
चांदी के दाम में जबरदस्त उछाल
जहां सोना थोड़ी गिरावट में है, वहीं चांदी की कीमतें आज तेजी के साथ उभरी हैं। 13 नवंबर को देशभर में चांदी का भाव ₹1,62,100 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।
विदेशी बाजारों में भी चांदी की रफ्तार बनी हुई है, जिसके चलते घरेलू मार्केट में भी इसका असर देखने को मिला। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक सोने की तुलना में अब चांदी में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रमुख शहरों में गोल्ड रेट (13 नवंबर 2025)
| शहर | 22 कैरेट (₹/10g) | 24 कैरेट (₹/10g) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,15,190 | 1,25,650 |
| मुंबई | 1,15,040 | 1,25,500 |
| अहमदाबाद | 1,15,090 | 1,25,550 |
| चेन्नई | 1,15,040 | 1,25,500 |
| कोलकाता | 1,15,040 | 1,25,500 |
| जयपुर | 1,15,190 | 1,25,650 |
| लखनऊ | 1,15,190 | 1,25,650 |
| भोपाल | 1,15,090 | 1,25,550 |
अंतरराष्ट्रीय मार्केट का असर
वैश्विक स्तर पर गोल्ड रेट में उतार-चढ़ाव जारी है। जेपी मॉर्गन प्राइवेट बैंक का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना $5,200 से $5,300 प्रति औंस तक जा सकता है। वहीं गोल्डमैन सैक्स ने भी इसे $4,900 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना जताई है।
डॉलर की मजबूती, अमेरिका में ब्याज दरों की संभावित कटौती और भारत में त्योहारी मांग का असर अगले कुछ दिनों में कीमतों की दिशा तय करेगा।
क्यों घट-बढ़ रही हैं कीमतें?
सोने-चांदी के दाम पर घरेलू और वैश्विक दोनों कारक असर डालते हैं। भारत में रुपये की कमजोरी, मांग में बदलाव और आयात लागत बढ़ने से रेट में उतार-चढ़ाव होता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरें और जियोपॉलिटिकल तनाव भी धातुओं की दिशा तय करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार स्थिर रहेगा, लेकिन दिसंबर तक चांदी में और बढ़ोतरी संभव है।
नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.





