दिवाली के अवसर पर निवेशक और ट्रेडर्स के लिए शेयर बाजार की छुट्टियां बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। साल 2025 में भी यही परंपरा जारी रहेगी। इस साल दिवाली के दिन यानी 20 अक्टूबर को बाजार खुला रहेगा, लेकिन 21 अक्टूबर को दिवाली के अवसर पर और 22 अक्टूबर को बलिप्रतिपदा या गोवर्धन पूजा के दिन बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि, 21 अक्टूबर को निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए खास मौका मुहूर्त ट्रेडिंग के रूप में उपलब्ध होगा। यह ट्रेडिंग सत्र एक घंटे का प्रतीकात्मक और शुभ समय माना जाता है, जिसमें शेयरों की खरीद-बिक्री करने से समृद्धि और लाभ की मान्यता जुड़ी है।
शेयर बाजार की छुट्टियां और महत्व
भारतीय शेयर बाजार की छुट्टियां केवल दिनांक बंद होने का संकेत नहीं देतीं, बल्कि निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए रणनीति बनाने का भी आधार होती हैं। दिवाली जैसे त्योहार के समय निवेशक अपनी खुले पोजिशन को पहले से बंद कर लेते हैं और नए मौके का इंतजार करते हैं। एनएसई की वेबसाइट के अनुसार, 21 अक्टूबर 2025 को दिवाली के दिन बाजार पूरी तरह बंद रहेगा, लेकिन उसी दिन मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र आयोजित होगा। अगले दिन 22 अक्टूबर को बलिप्रतिपदा पर भी बाजार बंद रहेगा, जिससे निवेशक और कारोबारी दोनों अपनी योजना बना सकते हैं।
मुहूर्त ट्रेडिंग का समय और तरीका
इस साल मुहूर्त ट्रेडिंग मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को आयोजित होगी। प्री-ओपन सेशन दोपहर 1:30 बजे से 1:45 बजे तक रहेगा। इसके बाद ट्रेडिंग का मुख्य सत्र 1:45 बजे से शुरू होकर 2:45 बजे तक चलेगा। बाजार समापन सत्र 3:05 बजे तक आयोजित होगा। पिछले वर्षों में मुहूर्त ट्रेडिंग शाम के समय होती आई है, लेकिन इस साल इसे दोपहर में आयोजित किया गया है। ट्रेडिंग के इस सत्र को शुभ माना जाता है और निवेशक मानते हैं कि इस दौरान की गई खरीदारी से वित्तीय लाभ और समृद्धि आती है।
बाजार का मौजूदा रुझान
हाल के कारोबारी सत्रों में शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी50 ने 25,700 के स्तर को छू लिया है। खासकर बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। दिवाली से पहले निवेशक बाजार में सक्रिय हैं और मुहूर्त ट्रेडिंग से पहले अपने निवेश निर्णय को अंतिम रूप दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान बाजार में छोटे-मध्यम निवेशकों की भागीदारी अधिक रहती है, जो त्योहार की खरीदारी और शुभ मुहूर्त में निवेश को जोड़ते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह और रणनीति
विशेषज्ञों का सुझाव है कि दिवाली और बलिप्रतिपदा के आसपास निवेशकों को अपनी रणनीति को सटीक बनाना चाहिए। छुट्टियों के दौरान बाजार बंद होने के कारण अधिक तरलता नहीं रहती, इसलिए लंबी अवधि के निवेश के लिए पहले से योजना बनाना जरूरी है। मुहूर्त ट्रेडिंग का लाभ उठाकर निवेशक त्योहार के मौके पर शुभ संकेत और संभावित लाभ दोनों को जोड़ सकते हैं। बाजार विश्लेषक बताते हैं कि इस समय बैंकिंग, एफएमसीजी और प्रमुख इंडेक्स शेयरों में निवेश करना फायदे का सौदा हो सकता है।