बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आते ही महागठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच कई सीटों पर टकराव की आशंका है। खासकर उन इलाकों में जहां 2020 में राजद या माले ने जीत दर्ज की थी और VIP दूसरे नंबर पर रही थी। सिमरी बख्तियारपुर जैसी सीटें इस विवाद का सबसे बड़ा कारण बन सकती हैं।
सिमरी बख्तियारपुर बना टकराव का गढ़
VIP प्रमुख मुकेश सहनी इस बार फिर सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। पिछली बार यहां राजद के युसुफ सलाउद्दीन ने उन्हें सिर्फ 1760 वोटों से हराया था। सहनी का मानना है कि इस सीट पर उनकी पार्टी का हक बनता है। अगर वे खुद मैदान में नहीं उतरते तो किसी करीबी को टिकट दे सकते हैं
2020 के आंकड़े बढ़ा रहे मुश्किलें
पिछले चुनाव में VIP ने NDA के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और उसे 11 सीटें मिली थीं। इनमें से 4 पर जीत मिली जबकि 5 सीटों पर उसके उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। सुगौली, मधुबनी और सिमरी बख्तियारपुर जैसी सीटें राजद के खाते में गईं, जबकि VIP मजबूत दावेदार रही।
महागठबंधन में बंटवारे की जंग
VIP का कहना है कि जिन सीटों पर वे पिछली बार दूसरे स्थान पर रहे थे, उन्हें इस बार मौका मिलना चाहिए। बहादुरगंज सीट पर AIMIM की जीत हुई थी, लेकिन चूंकि AIMIM इस बार महागठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए VIP को उम्मीद है कि यह सीट उनके खाते में जाएगी।
RJD भी कर रहा पलटवार
VIP की जिन सीटों पर पिछली बार जीत हुई थी, वहां RJD दूसरे स्थान पर रहा था। जैसे दरभंगा का अलीनगर, गौरा बौराम और मुजफ्फरपुर का बोचहा। बोचहा में हुए उपचुनाव में राजद ने जीत दर्ज कर दी थी। ऐसे में RJD भी अपने पुराने प्रदर्शन के आधार पर VIP की मांगों को चुनौती दे रहा है।