सीबीआई ने शनिवार सुबह आरकॉम और अनिल अंबानी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी के 2000 करोड़ रुपये के मामले में की जा रही है। डिजिटल डेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, अनिल अंबानी अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे, जब सीबीआई की टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया। आरकॉम और अनिल अंबानी के खिलाफ इस मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है। यह मामला कथित रूप से भारतीय स्टेट बैंक को हुए भारी नुकसान से जुड़ा है। छापेमारी में सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी संदिग्ध दस्तावेजों और लेन-देन की जांच के लिए नोटिस भेजे हैं।
छापेमारी का दायरा
सीबीआई ने आरकॉम और अनिल अंबानी से जुड़े विभिन्न परिसरों में तलाशी ली। इसमें घर, कार्यालय और अन्य परिसरों के दस्तावेज, कंप्यूटर और बैंकिंग रिकॉर्ड को जब्त किया गया। एजेंसी का दावा है कि ये कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में की जा रही है, जिसमें कथित तौर पर भारतीय स्टेट बैंक को 2000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
FIR और जांच प्रक्रिया
अनिल अंबानी और आरकॉम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। सीबीआई ने बताया कि यह मामला 17,000 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय ने भी 1 अगस्त को जांच के सिलसिले में अनिल अंबानी से पूछताछ की थी। अब एजेंसी इस मामले में कंपनी के वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।
सियासी और आर्थिक असर
इस कार्रवाई से अनिल अंबानी और उनकी कंपनी RCOM के प्रति निवेशकों और बाजार में चिंता बढ़ गई है। वित्तीय और कानूनी विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस जांच का असर केवल कंपनी पर नहीं बल्कि पूरे उद्योग और बैंकिंग सेक्टर में भरोसे पर भी पड़ेगा। आने वाले दिनों में CBI की जांच और FIR में दर्ज तथ्यों के आधार पर बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।





