UP SIR Update: ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर वोटिंग का अधिकार कैसे मिलेगा; 75 जिलों में कितने नाम कटे?
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मंगलवार को राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई। इस सूची में कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल हैं, जो पहले 27 अक्टूबर 2025 को जारी की गई सूची में दर्ज 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाताओं की संख्या से करीब 2 करोड़ 89 लाख कम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा के अनुसार, यह कमी सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उन नामों को सूची से हटाने के कारण हुई है जो या तो डुप्लीकेट थे, मृतक पाए गए या पात्रता की शर्तों पर खरे नहीं उतरे।
मुख्य बिंदु:
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ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी
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कुल मतदाता: 12,55,56,025
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पिछली सूची (27 अक्टूबर 2025): 15,44,30,092
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कुल नाम कटे: लगभग 2.89 करोड़
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मतदाता नामों में कटौती का कारण
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SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के तहत नाम सत्यापन
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डुप्लीकेट, मृतक, या असत्यापित नाम हटाए गए
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जिलेवार प्रमुख कटौती
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सबसे ज्यादा कटे: लखनऊ (12,00,138, 30.04%), गाजियाबाद (28.83%), मेरठ (24.65%)
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कम से कम कटे: ललितपुर (95,447, 9.95%), हमीरपुर (90,560, 10.78%), महोबा (85,352, 12.42%)
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दावे और आपत्तियां
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अंतिम तारीख: 6 फरवरी 2026
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मतदाता सूची में नाम जोड़ने, सुधार कराने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर
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सतर्कता और पारदर्शिता
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SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और निष्पक्ष बनाना है
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जिलेवार कटौती के कुछ आंकड़े (मुख्य):
| जिला | कटे वोट | प्रतिशत (%) |
|---|---|---|
| लखनऊ | 12,00,138 | 30.04 |
| गाजियाबाद | 8,18,139 | 28.83 |
| मेरठ | 6,65,635 | 24.65 |
| प्रयागराज | 11,56,305 | 24.64 |
| कानपुर नगर | 9,02,148 | 25.50 |
| आगरा | 8,36,943 | 23.25 |
| गौतम बुद्ध नगर | 4,47,471 | 23.98 |
कुल मिलाकर, SIR प्रक्रिया ने बड़ी संख्या में पुराने या असत्यापित नाम हटाए हैं, जिससे सूची अधिक विश्वसनीय हुई है।
ड्राफ्ट मतदाता सूची का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र और वास्तविक मतदाता ही वोटिंग के अधिकार का इस्तेमाल करें। SIR प्रक्रिया के तहत हर मतदाता का विवरण, आधार संख्या और जन्मतिथि की जांच की गई। इससे मतदाता सूची की सटीकता बढ़ाने के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
ड्राफ्ट सूची में नाम कटने का असर और कारण
इस ड्राफ्ट सूची में लगभग 2.89 करोड़ नाम शामिल नहीं हो सके। इन नामों में मुख्य रूप से निम्न श्रेणियां शामिल हैं:
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मृतक मतदाता – जिनकी मृत्यु हो चुकी थी।
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डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ – एक ही व्यक्ति के दो या अधिक रिकॉर्ड।
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ग़ैर पात्र मतदाता – उम्र या अन्य मानदंडों के कारण योग्य नहीं।
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सत्यापन में असंगतियाँ – आधार या अन्य दस्तावेजों के साथ मेल नहीं।
इस प्रक्रिया के बाद, अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो वह वोटिंग का अधिकार तभी प्राप्त कर सकता है जब वह दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के माध्यम से अपना नाम पुनः सूची में दर्ज कराए।
दावे और आपत्तियां
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इस दौरान मतदाता अपने नाम को जोड़ने, सुधार कराने या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदन IRCTC की तरह ऑनलाइन पोर्टल, जिला निर्वाचन कार्यालय या BLO (Booth Level Officer) के माध्यम से किया जा सकता है।
जिलेवार नाम कटने की स्थिति
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मतदाता सूची से नाम कटने की संख्या और प्रतिशत इस प्रकार है:
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सहारनपुर: 4,32,534 (16.37%)
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मुजफ्फरनगर: 3,44,217 (16.29%)
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मेरठ: 6,65,635 (24.65%)
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गाजियाबाद: 8,18,139 (28.83%)
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बुलन्दशहर: 4,03,369 (15.14%)
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गौतम बुद्ध नगर: 4,47,471 (23.98%)
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बागपत: 1,77,299 (18.15%)
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आगरा: 8,36,943 (23.25%)
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अलीगढ़: 5,20,189 (18.60%)
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मथुरा: 3,73,793 (19.19%)
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फिरोजाबाद: 3,44,752 (18.13%)
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मैनपुरी: 2,26,875 (16.17%)
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एटा: 2,20,426 (16.80%)
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हाथरस: 1,89,616 (16.30%)
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बरेली: 7,14,753 (20.99%)
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बदायूं: 4,92,995 (20.39%)
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शाहजहांपुर: 5,03,922 (21.76%)
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पीलीभीत: 1,99,772 (13.61%)
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मुरादाबाद: 3,87,611 (15.76%)
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रामपुर: 3,21,571 (18.29%)
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बिजनौर: 4,27,159 (15.53%)
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अमरोहा: 1,81,177 (13.22%)
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कानपुर नगर: 9,02,148 (25.50%)
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कानपुर देहात: 2,03,957 (15.26%)
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इटावा: 2,33,018 (18.95%)
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फर्रुखाबाद: 2,90,824 (20.80%)
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कन्नौज: 2,78,095 (21.57%)
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औरैया: 1,58,055 (15.36%)
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प्रयागराज: 11,56,305 (24.64%)
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फ़तेहपुर: 3,15,468 (16.32%)
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प्रतापगढ़: 5,00,109 (19.81%)
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कौशांबी: 2,19,698 (18.00%)
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झांसी: 2,19,612 (13.92%)
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ललितपुर: 95,447 (9.95%)
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जालौन: 2,12,059 (16.34%)
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हमीरपुर: 90,560 (10.78%)
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महोबा: 85,352 (12.42%)
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बांदा: 1,75,421 (13.00%)
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चित्रकूट: 1,00,092 (13.67%)
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वाराणसी: 5,73,203 (18.18%)
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जौनपुर: 5,89,543 (16.51%)
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गाजीपुर: 4,08,689 (13.85%)
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चंदौली: 2,30,086 (15.45%)
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मिर्जापुर: 3,42,761 (17.94%)
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सोनभद्र: 2,51,964 (17.93%)
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भदोही: 2,06,320 (16.73%)
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आजमगढ़: 5,66,606 (15.25%)
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मऊ: 3,00,223 (17.52%)
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बलिया: 4,55,976 (18.16%)
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गोरखपुर: 6,45,625 (17.61%)
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महाराजगंज: 3,01,022 (15.11%)
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देवरिया: 4,14,799 (17.22%)
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कुशीनगर: 5,02,640 (18.65%)
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बस्ती: 2,98,287 (15.70%)
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सिद्धार्थनगर: 3,98,900 (20.33%)
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संत कबीर नगर: 2,66,870 (19.96%)
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लखनऊ: 12,00,138 (30.04%)
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उन्नाव: 4,07,171 (17.51%)
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रायबरेली: 3,48,862 (16.35%)
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सीतापुर: 6,23,772 (19.55%)
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हरदोई: 5,44,682 (18.04%)
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खीरी (लखीमपुर): 5,05,802 (17.50%)
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गोंडा: 4,69,637 (18.40%)
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बहराइच: 5,41,328 (20.44%)
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बलरामपुर: 4,11,200 (25.98%)
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श्रावस्ती: 1,34,992 (16.51%)
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अयोध्या: 3,35,742 (17.69%)
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सुल्तानपुर: 3,16,947 (17.19%)
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बाराबंकी: 3,73,154 (16.00%)
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अम्बेडकर नगर: 2,58,547 (13.82%)
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कासगंज: 1,72,238 (16.28%)
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अमेठी: 2,67,241 (18.60%)
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हापुड़: 2,57,903 (22.30%)
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शामली: 1,63,458 (16.75%)
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संभल: 3,18,601 (20.29%)
ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम न होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति का वोटिंग अधिकार समाप्त हो गया। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मतदाता अपना नाम सूची में जोड़वा सकता है। SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी, विश्वसनीय और सही बनाना है। राज्य के सभी 75 जिलों में नाम कटने की संख्या और प्रतिशत यह दर्शाते हैं कि यह प्रक्रिया कितनी व्यापक और प्रभावशाली रही। 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करवाई जा सकती हैं, जिसके बाद फाइनल मतदाता सूची तैयार होगी और सभी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।