घर-मकान डूबे, सड़कें बनीं दरिया…देशभर में तबाही बरपा रहा मानसून दिल्ली ही नहीं पंजाब ओर जम्मू से लेकर हिमाचल—उत्तराखंड तक बारिश के साथ बाढ़ का कहर…

In Rudraprayag Uttarakhand a flood came from the mountain and the whole village disappeared

घर-मकान डूबे, सड़कें बनीं दरिया…देशभर में तबाही बरपा रहा मानसून

दिल्ली ही नहीं पंजाब ओर जम्मू से लेकर हिमाचल—उत्तराखंड तक बारिश के साथ बाढ़ का कहर…

देश के कई राज्यों में मानसून इस बार राहत नहीं, बल्कि कहर बनकर बरस रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदान तक हर तरफ तबाही के ही दृश्य हैं। कहीं बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, तो कहीं भूस्खलन से सड़कें और पुल टूट गए हैं। दिल्ली, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मौसम विभाग ने कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है, लेकिन स्थिति काबू में आती नहीं दिख रही।

5 सितंबर तक भारी बारिश का सिलसिला

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 5 सितंबर तक उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहेगी। पहाड़ों पर हो रही तेज बरसात मैदानी इलाकों को भी डुबो रही है। नदियां उफान पर हैं, पुल टूट रहे हैं और सड़कें दरिया जैसी हो गई हैं।

दिल्ली की डूबती तस्वीर

देश की राजधानी दिल्ली बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रही है।

लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है।

मुख्य सड़कों पर जाम के हालात हैं।

मेट्रो और बस सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

दिल्ली-NCR में आज रेड अलर्ट घोषित किया गया है। नोएडा और गाजियाबाद में प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों को बंद रखने और बच्चों को ऑनलाइन क्लास देने के निर्देश जारी किए हैं।

पंजाब और जम्मू में हालात खराब

पंजाब के कई ज़िलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गांवों में पानी घुस गया है, जिससे लोग सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं जम्मू क्षेत्र में लगातार बारिश से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। नेशनल हाइवे कई जगहों पर बंद पड़ा है, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित है।

हिमाचल और उत्तराखंड में तबाही

हिमाचल प्रदेश: मंडी और कुल्लू जिलों में लगातार भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कई घर जमींदोज़ हो गए और कई लोग मलबे में दब गए। पहाड़ी रास्ते बंद हैं और राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है।

उत्तराखंड: गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। नदियां उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं।

प्रशासन अलर्ट पर, लेकिन मुश्किलें बरकरार

राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए हैं। सेना और NDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं। कई जगहों पर हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान चल रहा है।
फिर भी पहाड़ों से लगातार गिरते पत्थर और मलबा राहत कार्य को चुनौती दे रहे हैं।

आम जनता बेहाल

लोगों के घर डूब गए हैं, खेत-खलिहान बर्बाद हो गए हैं और सड़कें दरिया बन चुकी हैं। कई परिवार अस्थायी शरण स्थलों पर जाने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक़्क़त का सामना करना पड़ रहा है।

अर्थव्यवस्था पर भी असर

लगातार हो रही बारिश और बाढ़ का असर अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है। परिवहन ठप होने से व्यापारिक गतिविधियां बाधित हैं। फल और सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने से दाम आसमान छूने लगे हैं। पर्यटन पर भी करारी चोट पड़ी है, खासकर हिमाचल और उत्तराखंड जैसे राज्यों में। मानसून की यह मार अभी थमने का नाम नहीं ले रही। 5 सितंबर तक हालात और बिगड़ सकते हैं। मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की कोशिशों के बावजूद आम जनता परेशान है। दिल्ली से लेकर पहाड़ों तक हर तरफ बारिश और बाढ़ की तबाही की तस्वीरें हैं।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटों के भीतर अचानक बाढ़ का मध्यम से उच्च जोखिम जताया है। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। IMD का कहना है कि 5 सितंबर तक बारिश और कहर बरपा सकती है। सबसे ज्यादा खतरा पहाड़ी राज्यों और जम्मू संभाग में है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और अलर्ट का पालन करें।

उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बाढ़ का खतरा

उत्तराखंड: अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टेहरी और उत्तरकाशी में बाढ़ की आशंका।
जम्मू-कश्मीर व लद्दाख: अनंतनाग, डोडा, कठुआ, किस्तवार, कुलगाम, पुंछ, रामबन, रियासी और उधमपुर सबसे ज्यादा संवेदनशील।
हिमाचल प्रदेश: चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहुल-स्पीति, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में अलर्ट।
जम्मू में चिनाब नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीएचईपी जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने लोगों को नदी किनारों और नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

जम्मू-कश्मीर: आज सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद।

गाजियाबाद: भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए 3 सितंबर को नर्सरी से 12वीं तक सभी स्कूल बंद रहेंगे।
हरियाणा: रेड अलर्ट जारी, अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द।

बारिश से तबाही के ताजा हालात
सांबा (जम्मू) में भूमि धंसने से कई घरों और सड़कों में दरारें, गांव के परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। पंजाब में बाढ़ से फसलें तबाह, जानवर बहकर पाकिस्तान तक पहुंचे। दिल्ली में इस मानसून में बारिश का आंकड़ा 1,000 मिमी पार कर गया, जो औसत 774 मिमी से कहीं ज्यादा है।

Exit mobile version